14 अक्टूबर 2026
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रांची में चार दिनों में दूसरी इंजीनियरिंग छात्र की मौत, नामकुम में बीटेक छात्र मनीष कुमार का शव मिला

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रांची में चार दिनों में दूसरी इंजीनियरिंग छात्र की मौत, नामकुम में बीटेक छात्र मनीष कुमार का शव मिला

सारांश

रांची में चार दिनों के भीतर इंजीनियरिंग के दो छात्रों की संदिग्ध मौत ने झारखंड के शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। IIIT रांची मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जाँच समिति पहले से गठित है।

मुख्य बातें

मनीष कुमार , झारखंड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र, का शव 14 अक्टूबर 2026 को नामकुम, रांची में किराए के कमरे में फंदे से लटकता मिला।
मृतक हजारीबाग जिले के पेटो गांव के निवासी थे और कुछ दिनों से कमरे में अकेले रह रहे थे।
पुलिस ने इसे प्रथमदृष्ट्या आत्महत्या का मामला माना है; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
चार दिन पहले , IIIT रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का भी शव छात्रावास में मिला था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने IIIT रांची घटना की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
पुलिस मनीष के दोस्तों और सहपाठियों से जानकारी जुटा रही है; घटना का कारण अभी अज्ञात है।

रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को एक निजी विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र का शव किराए के कमरे में फंदे से लटकता हुआ मिला। मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के पेटो गांव निवासी मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो झारखंड राय यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, प्रथमदृष्ट्या यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, हालांकि घटना के पीछे की परिस्थितियाँ अभी जाँच के दायरे में हैं।

घटनाक्रम: कैसे मिला शव

मनीष कुमार, राजाउलातू स्थित झारखंड राय यूनिवर्सिटी के पास किराए के एक कमरे में रहते थे। पुलिस के अनुसार, वह पहले एक अन्य छात्र के साथ रहते थे, लेकिन कुछ दिन पूर्व उनका रूममेट वहाँ से चला गया था, जिसके बाद से मनीष अकेले रह रहे थे।

बुधवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाज़ा नहीं खुलने और अंदर से कोई हलचल नहीं होने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। दरवाज़ा खोलने पर छात्र का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही नामकुम थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छात्र के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

जाँच की दिशा

पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि मनीष ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। उनके दोस्तों, सहपाठियों और परिचितों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किस मानसिक और पारिवारिक स्थिति में थे। फिलहाल कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।

चार दिनों में दूसरी घटना, रांची में बढ़ती चिंता

यह घटना ऐसे समय में आई है जब रांची में छात्रों की मानसिक स्थिति को लेकर पहले से ही चिंता का माहौल है। इससे मात्र चार दिन पहले, रविवार रात, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव छात्रावास के कमरे में मिला था। गौरतलब है कि उस घटना के बाद संस्थान के विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने IIIT रांची की घटना के मद्देनज़र मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह दूसरी घटना उस समिति की जाँच के दायरे को और व्यापक संदर्भ देती है।

आम जनता और शैक्षणिक समुदाय पर असर

रांची में चार दिनों के भीतर इंजीनियरिंग के दो छात्रों की संदिग्ध आत्महत्या ने झारखंड में उच्च-शिक्षा संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकादमिक दबाव, अकेलापन और सामाजिक समर्थन की कमी जैसे कारकों को लेकर शिक्षाविद् और मनोविज्ञान विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते आए हैं।

आगे क्या होगा

नामकुम पुलिस मनीष कुमार के मामले में आगे की जाँच जारी रखेगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तीन सदस्यीय जाँच समिति के दायरे में अब इस दूसरी घटना की परिस्थितियाँ भी आ सकती हैं। रांची के शैक्षणिक संस्थानों में छात्र कल्याण तंत्र को मज़बूत करने की माँग तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि निजी विश्वविद्यालयों में इस तरह की निगरानी का तंत्र और भी कमज़ोर है। मनीष कुमार के मामले में रूममेट का जाना और अकेलेपन की परिस्थिति जैसे बुनियादी संकेत भी नज़रअंदाज़ हो गए — यह बताता है कि संस्थागत स्तर पर छात्रों की ज़मीनी हालत पर निगाह रखने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में मृत पाए गए बीटेक छात्र मनीष कुमार कौन थे?
मनीष कुमार झारखंड के हजारीबाग जिले के पेटो गांव के निवासी थे और रांची की झारखंड राय यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। वह राजाउलातू में विश्वविद्यालय के पास किराए के कमरे में रहते थे।
रांची में यह मौत कैसे हुई और पुलिस क्या कह रही है?
14 अक्टूबर 2026 को बुधवार सुबह लंबे समय तक कमरे का दरवाज़ा न खुलने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। दरवाज़ा खोलने पर मनीष कुमार का शव फंदे से लटका मिला। नामकुम थाना पुलिस ने इसे प्रथमदृष्ट्या आत्महत्या का मामला माना है और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्या रांची में इससे पहले भी किसी इंजीनियरिंग छात्र की ऐसी मौत हुई थी?
हाँ, इससे ठीक चार दिन पहले रविवार रात को IIIT (भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव छात्रावास के कमरे में मिला था। उस घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने IIIT रांची में आदित्य कुमार की मौत की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। मनीष कुमार की मौत एक निजी विश्वविद्यालय से जुड़ी है, और उसकी जाँच अभी नामकुम पुलिस कर रही है।
रांची में इंजीनियरिंग छात्रों की मौत के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
पुलिस अभी तक मनीष कुमार के मामले में कोई स्पष्ट कारण नहीं बता पाई है और जाँच जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अकादमिक दबाव, अकेलापन और संस्थागत काउंसलिंग सेवाओं की कमी जैसे कारक छात्रों में मानसिक संकट को बढ़ा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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