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रांची में बीटेक छात्र मनीष कुमार की संदिग्ध मौत: पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई

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रांची में बीटेक छात्र मनीष कुमार की संदिग्ध मौत: पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई

सारांश

रांची में चार दिनों में इंजीनियरिंग छात्र की दूसरी संदिग्ध मौत। झारखंड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र मनीष कुमार के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई — मौत से पहले आया रहस्यमयी व्हाट्सऐप संदेश और डिजिटल साक्ष्य अब जाँच के केंद्र में हैं।

मुख्य बातें

झारखंड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र मनीष कुमार (20 वर्ष) का शव बुधवार को राजाउलातू, नामकुम स्थित किराये के कमरे में लटका मिला।
पिता हुसैनी साव ने नामकुम थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।
घटना से एक दिन पहले परिवार के मोबाइल पर व्हाट्सऐप पर चेतावनी भरा संदेश आया था, जो बाद में डिलीट कर दिया गया।
पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच जब्त की; शव 2-3 दिन पुराना होने की आशंका।
मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
रांची में चार दिनों में यह इंजीनियरिंग छात्र की दूसरी संदिग्ध मौत ; इससे पहले IIIT रांची के छात्र आदित्य कुमार का शव भी छात्रावास में मिला था।

रांची की झारखंड राय यूनिवर्सिटी में बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पाँचवें सेमेस्टर के छात्र मनीष कुमार (20 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में 15 अक्टूबर 2026 को नया मोड़ आया, जब उनके पिता हुसैनी साव ने नामकुम थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। साव के अनुसार, उनके बेटे की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप दिया गया हो सकता है।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार को नामकुम थाना क्षेत्र के राजाउलातू स्थित डाबर टोली में मनीष के किराये के कमरे से बदबू आने पर पड़ोसी किरायेदारों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर उसे तोड़ा गया, जिसके बाद उनका शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका मिला। मनीष हजारीबाग जिले के पेटो गाँव के मूल निवासी थे और विश्वविद्यालय के पास किराये के कमरे में रहते थे।

पुलिस के अनुसार, शव दो से तीन दिन पुराना होने की आशंका है। परिजनों को बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे फोन पर मौत की सूचना दी गई, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुँचे।

परिजनों के संदेह की वजह

पिता हुसैनी साव ने FIR में दर्ज कराया कि घटना से एक दिन पहले मंगलवार को परिवार के मोबाइल पर एक व्हाट्सऐप संदेश आया था, जिसमें लिखा था — 'मनीष को बचाना है तो बचा लीजिए।' उनका दावा है कि यह संदेश भेजे जाने के कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने कमरे में बेटे के गले में रस्सी बंधी होने और पास में टूटी हुई टेबल मिलने का उल्लेख करते हुए हत्या की आशंका जताई है।

गौरतलब है कि ये विवरण अभी तक केवल परिजनों के बयान पर आधारित हैं; पुलिस जाँच अभी जारी है और मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस की कार्रवाई

नामकुम पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच की और मनीष का मोबाइल फोन तथा स्मार्टवॉच बरामद कर जब्त कर ली। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

रांची में चार दिनों में दूसरी ऐसी घटना

यह ऐसे समय में आया है जब रांची में चार दिनों के भीतर इंजीनियरिंग छात्र की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले रविवार रात भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव छात्रावास के कमरे में मिला था। उस घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।

आलोचकों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ झारखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस व्हाट्सऐप संदेश के स्रोत का पता लगाने और जब्त किए गए मोबाइल व स्मार्टवॉच के डेटा की जाँच करने में जुटी है। पिता ने माँग की है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जाँच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की दिशा तय करने में निर्णायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसी दौरान एक और मामला सामने आना दर्शाता है कि प्रतिक्रिया-तंत्र कितना धीमा है। मुख्यधारा की कवरेज जो प्रायः चूक जाती है वह यह है कि व्हाट्सऐप चेतावनी संदेश और डिजिटल साक्ष्यों की त्वरित जाँच ही इस मामले की दिशा तय करेगी — और इसमें पुलिस की तत्परता पर नज़र रखना ज़रूरी है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में बीटेक छात्र मनीष कुमार की मौत का मामला क्या है?
झारखंड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पाँचवें सेमेस्टर के छात्र मनीष कुमार (20 वर्ष) का शव बुधवार को रांची के राजाउलातू स्थित उनके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला था। पिता हुसैनी साव ने हत्या का आरोप लगाते हुए नामकुम थाने में FIR दर्ज कराई है।
मनीष कुमार के पिता ने हत्या का संदेह क्यों जताया?
पिता हुसैनी साव के अनुसार, मौत से एक दिन पहले परिवार के मोबाइल पर 'मनीष को बचाना है तो बचा लीजिए' लिखा व्हाट्सऐप संदेश आया था, जो कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया। इसके अलावा, कमरे में टूटी हुई टेबल मिलने से उन्हें संदेह है कि हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप दिया गया।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
नामकुम पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर मनीष का मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच जब्त की है। FIR दर्ज कर ली गई है और मामले के सभी पहलुओं की जाँच जारी है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
क्या रांची में पहले भी ऐसी घटना हुई थी?
हाँ, इससे चार दिन पहले रविवार रात IIIT रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव छात्रावास के कमरे में मिला था। उस घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की थी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
पुलिस व्हाट्सऐप संदेश के स्रोत और जब्त डिजिटल डिवाइस के डेटा की जाँच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की दिशा तय करने में निर्णायक होगी। परिजनों ने निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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