रांची में बीटेक छात्र मनीष कुमार की संदिग्ध मौत: पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई
सारांश
मुख्य बातें
रांची की झारखंड राय यूनिवर्सिटी में बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पाँचवें सेमेस्टर के छात्र मनीष कुमार (20 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में 15 अक्टूबर 2026 को नया मोड़ आया, जब उनके पिता हुसैनी साव ने नामकुम थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। साव के अनुसार, उनके बेटे की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप दिया गया हो सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को नामकुम थाना क्षेत्र के राजाउलातू स्थित डाबर टोली में मनीष के किराये के कमरे से बदबू आने पर पड़ोसी किरायेदारों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर उसे तोड़ा गया, जिसके बाद उनका शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका मिला। मनीष हजारीबाग जिले के पेटो गाँव के मूल निवासी थे और विश्वविद्यालय के पास किराये के कमरे में रहते थे।
पुलिस के अनुसार, शव दो से तीन दिन पुराना होने की आशंका है। परिजनों को बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे फोन पर मौत की सूचना दी गई, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुँचे।
परिजनों के संदेह की वजह
पिता हुसैनी साव ने FIR में दर्ज कराया कि घटना से एक दिन पहले मंगलवार को परिवार के मोबाइल पर एक व्हाट्सऐप संदेश आया था, जिसमें लिखा था — 'मनीष को बचाना है तो बचा लीजिए।' उनका दावा है कि यह संदेश भेजे जाने के कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने कमरे में बेटे के गले में रस्सी बंधी होने और पास में टूटी हुई टेबल मिलने का उल्लेख करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
गौरतलब है कि ये विवरण अभी तक केवल परिजनों के बयान पर आधारित हैं; पुलिस जाँच अभी जारी है और मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की कार्रवाई
नामकुम पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच की और मनीष का मोबाइल फोन तथा स्मार्टवॉच बरामद कर जब्त कर ली। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
रांची में चार दिनों में दूसरी ऐसी घटना
यह ऐसे समय में आया है जब रांची में चार दिनों के भीतर इंजीनियरिंग छात्र की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले रविवार रात भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव छात्रावास के कमरे में मिला था। उस घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
आलोचकों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ झारखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस व्हाट्सऐप संदेश के स्रोत का पता लगाने और जब्त किए गए मोबाइल व स्मार्टवॉच के डेटा की जाँच करने में जुटी है। पिता ने माँग की है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जाँच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की दिशा तय करने में निर्णायक होगी।