पटना दुर्गा पूजा 2026: नवरात्र के सातवें दिन पंडालों में उमड़े भक्त, CM सम्राट चौधरी ने की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
सारांश
मुख्य बातें
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन, 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को पटना के दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप देवी कालरात्रि की पूजा-अर्चना के साथ राजधानी में उत्सव का माहौल चरम पर पहुँच गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं विभिन्न पूजा पंडालों में पहुँचकर मां दुर्गा की आराधना की और प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री का पंडाल दौरा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को नेहरू पथ स्थित श्री दुर्गा पूजा समिति, मून क्लब के पूजा पंडाल पहुँचे, जहाँ उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे जगदेव पथ स्थित पूजा पंडाल में भी गए और मां दुर्गा की आराधना की। इस दौरान उन्होंने राज्य की उन्नति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा एवं दशहरा के शुभ अवसर पर प्रदेश और देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में त्योहारी सीजन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता रहती है।
मुख्यमंत्री का संदेश
अपने शुभकामना संदेश में सम्राट चौधरी ने कहा कि दुर्गा पूजा और दशहरा हर्ष एवं उल्लास के पर्व हैं। उन्होंने कहा, 'दशहरा को विजय पर्व के रूप में मनाया जाता है — यह असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है और मानव जीवन में संयम एवं आत्मिक बल का संचार करता है।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ये पर्व लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनके अनुसार, मां दुर्गा की आराधना बुराइयों पर विजय और समाज में सकारात्मक ऊर्जा के संचार का संदेश देती है।
सामाजिक सौहार्द की अपील
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दुर्गा पूजा एवं दशहरा का पर्व पारस्परिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में मिल-जुलकर मनाएं। उन्होंने पर्व के दौरान सामाजिक सौहार्द और एकता की भावना बनाए रखने का विशेष संदेश दिया।
गौरतलब है कि बिहार में दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान बड़े स्तर पर सार्वजनिक आयोजन होते हैं, जिनमें प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं।
पटना में उत्सव का माहौल
राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में स्थापित पूजा पंडालों में पहले दिन से ही भक्तों की भारी आवाजाही शुरू हो गई है। नवरात्र के सातवें दिन देवी कालरात्रि की पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
आगे क्या
आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा और विजयादशमी के अवसर पर उत्सव का उल्लास और बढ़ने की उम्मीद है। महाअष्टमी और महानवमी के दिन पंडालों में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना है, और प्रशासन ने इसके लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।