पवन कल्याण का आदेश: 'डिप्टी सीएमओ' के नाम से चल रहे फर्जी WhatsApp चैनल पर FIR दर्ज होगी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 22 अक्टूबर 2026 को 'डिप्टी सीएमओ, आंध्र प्रदेश' के नाम से संचालित एक फर्जी WhatsApp चैनल के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह चैनल किसी भी प्रकार से उनके कार्यालय का अधिकृत मंच नहीं है।
फर्जी चैनल का मामला क्या है
उपमुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 'डिप्टी सीएमओ, आंध्र प्रदेश' नाम से चल रहा WhatsApp चैनल सरकारी कार्यालय की पहचान का दुरुपयोग करते हुए भ्रामक और असंगत सामग्री प्रसारित कर रहा था। बयान में इसे सीधे तौर पर 'अनधिकृत' और 'अस्वीकार्य' करार दिया गया।
कार्यालय के अनुसार, किसी और का रूप धारण कर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में FIR दर्ज की जा रही है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
जनता के लिए आधिकारिक सलाह
उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने आंध्र प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे इस फर्जी चैनल पर कतई भरोसा न करें, उसे फॉलो न करें और उसकी किसी भी सामग्री को आगे शेयर न करें। सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट और सत्यापित WhatsApp चैनल पर ही निर्भर रहने का अनुरोध किया गया है।
बयान में यह भी कहा गया कि सरकारी कार्यालय की पहचान का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार व्यक्तियों को कानून के अनुसार जवाबदेह ठहराया जाएगा।
व्यापक राजनीतिक परिदृश्य
इस बीच, पवन कल्याण ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। उन्होंने कहा, "ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और लंबी आयु प्रदान करें, ताकि आप पूरी निष्ठा के साथ हमारे राष्ट्र की सेवा करते रहें। एक सुरक्षित, समृद्ध और 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में आपकी सेवा का सफर और लंबा चले, यही कामना है।"
आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। लोकेश ने कहा, "हमारे राष्ट्र को सुरक्षित रखने का आपका संकल्प और 'विकसित भारत' के लिए आपका अथक परिश्रम लाखों लोगों को प्रेरित करता है। आंध्र प्रदेश के लोगों को आपका निरंतर सहयोग मिलता रहा है, जिसके लिए हम आपके आभारी हैं।"
डिजिटल पहचान की सुरक्षा: बढ़ती चुनौती
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सोशल मीडिया पर सरकारी हस्तियों और संस्थाओं के नाम पर फर्जी अकाउंट और चैनल चलाने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। गौरतलब है कि ऐसे फर्जी प्लेटफॉर्म न केवल जनता को भ्रमित करते हैं, बल्कि सरकारी विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुँचाते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा FIR दर्ज करने का निर्णय डिजिटल प्रतिरूपण के विरुद्ध एक स्पष्ट संदेश है।
आगे इस मामले में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई और फर्जी चैनल संचालकों की पहचान पर नज़र रखी जाएगी।