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पवन कल्याण का विपक्ष पर आरोप: महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक लाभ के लिए रोका गया

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पवन कल्याण का विपक्ष पर आरोप: महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक लाभ के लिए रोका गया

सारांश

पवन कल्याण ने महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने पर विपक्ष की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के अधिकारों की अवहेलना है। जानें, उनके विचार और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में उनकी टिप्पणी।

मुख्य बातें

पवन कल्याण ने महिला आरक्षण विधेयक के न पास होने पर विपक्ष की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना की।
विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर विधेयक को रोका।
महिला आरक्षण विधेयक के लिए दो-तिहाई वोटों की आवश्यकता थी।
राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है।

मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और जन सेना पार्टी के संस्थापक पवन कल्याण महिला आरक्षण विधेयक के संशोधन के पारित न होने से बेहद दुखी हैं।

अभिनेता ने विपक्ष पर कड़ी आलोचना की है और आरोप लगाया है कि वे राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के अधिकारों को छीन रहे हैं। इसके साथ ही, पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिला-उन्मुख नीतियों की सराहना की है और उनका समर्थन किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पवन कल्याण ने विपक्ष को निशाने पर लिया है। उनके अनुसार, विपक्ष ने जानबूझकर इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित होने से रोका है। उन्होंने लिखा, "भारत की विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का यह ऐतिहासिक अवसर विपक्ष के द्वारा जानबूझकर रोक दिया गया है। विपक्ष का यह रवैया यह दिखाता है कि वे भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने और महिलाओं को सशक्त बनाने वाले सुधारों का समर्थन नहीं करना चाहते।"

पवन कल्याण ने कहा कि विपक्ष ने फिर से साबित कर दिया है कि उनके लिए राष्ट्रीय विकास से अधिक राजनीतिक लाभ महत्वपूर्ण है, जिससे महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आगे लिखा, "इस ऐतिहासिक सुधार का समर्थन करना महिलाओं को सशक्त बनाना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती प्रदान करना है। एनडीए का सहयोगी होने के नाते, जनसेना पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व का स्वागत और सराहना करती है, जिसने इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में पेश किया। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह देश भर की लाखों महिलाओं के लिए गर्व और विकास का एक निर्णायक पल होता।"

ज्ञात हो कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पास करने के लिए दो-तिहाई वोटों की आवश्यकता थी। विधेयक के पक्ष में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े, जो बहुमत से कम हैं। संशोधन विधेयक के पास न होने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हर कोई अपनी राय व्यक्त कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि महिला आरक्षण बिल का पारित न होना एक गंभीर मुद्दा है। पवन कल्याण का यह आरोप कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को राजनीतिक लाभ के लिए रोका है, इस विषय पर विचार करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह लोकतंत्र और समानता के मूल्यों के लिए चुनौती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य भारतीय संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
पवन कल्याण ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
पवन कल्याण ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए महिला आरक्षण विधेयक को जानबूझकर पारित नहीं होने दिया।
इस विधेयक के पास होने के लिए कितने वोटों की आवश्यकता थी?
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पास करने के लिए दो-तिहाई वोटों की आवश्यकता थी।
क्या पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन किया?
हाँ, पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री मोदी की महिला-आधारित नीतियों की सराहना की है।
महिला आरक्षण विधेयक न पास होने पर क्या प्रतिक्रिया है?
राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं, जिसमें विधेयक को पारित न करने की आलोचना की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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