सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को दिया बड़ा झटका, ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर लगी रोक
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नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका मिला है। यह मामला असम सरकार द्वारा पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर से संबंधित है, जिसमें तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर अब सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी है।
यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद असम में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट में ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली, जिस पर सुनवाई के बाद उन्हें कुछ राहत मिली थी। लेकिन असम सरकार ने इस फैसले पर असहमति जताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच के सामने हुई। सुनवाई के दौरान असम सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क किया कि एफआईआर असम में दर्ज है, फिर तेलंगाना हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत कैसे दी। उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा की पत्नी का आधार कार्ड दिल्ली में है, जबकि वे कभी-कभी यात्रा करते हैं।
सॉलिसिटर जनरल ने यह सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में उचित मंच असम हाईकोर्ट होना चाहिए था, न कि तेलंगाना हाईकोर्ट। इसी आधार पर असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है और उनसे तीन हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि वे अग्रिम जमानत चाहते हैं, तो उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का रुख करना होगा।