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क्या पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ?

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क्या पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ?

सारांश

बिहार में चुनाव आयोग ने पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। यह मामला तब सामने आया जब ज्योति चुनाव प्रचार के दौरान एक होटल में अपने समर्थकों के साथ मिलीं। जानिए इस विवाद के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

ज्योति सिंह पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप है।
चुनाव आयोग ने कड़ा कदम उठाते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।
होटल में ठहरने वाले समर्थकों की संख्या भी विवाद का हिस्सा है।
आधिकारिक निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

पटना, १२ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में काराकाट विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

बिक्रमगंज एसडीएम सह रिटर्निंग ऑफिसर प्रभात कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की।

प्रभात कुमार के अनुसार, भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह मतदान से एक दिन पहले १० नवंबर की रात बिक्रमगंज के एक होटल में अपने समर्थकों के साथ ठहरी हुई थीं।

एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम ने होटल पर छापा मारा, जहाँ वे और उनके १५-१८ समर्थक चुनाव दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाए गए।

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान से ४८ घंटे पहले प्रचार और संबंधित गतिविधियाँ बंद हो जानी चाहिए। साथ ही, प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद बाहरी प्रचारकों को निर्वाचन क्षेत्र में रहने की अनुमति नहीं होती है।

एसडीएम प्रभात कुमार ने बताया कि काराकाट विधानसभा चुनाव प्रचार ९ नवंबर को शाम ५ बजे समाप्त हो गया। होटल खाली करने के निर्देश के बावजूद, ज्योति सिंह और उनके समर्थक होटल में ही रुके रहे।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान उनके दो वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके पाए गए, जबकि तीसरा वाहन अनधिकृत था।

होटल के रजिस्टर में भी कमरों में ठहरे कई लोगों का नाम दर्ज नहीं था। हालाँकि, ज्योति सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने महिला कांस्टेबलों की मौजूदगी के बिना उनके कमरे पर छापा मारा। ज्योति ने इस तलाशी को अनुचित बताया।

देर रात हुई छापेमारी के पीछे के मकसद पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझे और मेरे परिवार को चार घंटे तक परेशान किया। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। यह मुझे निशाना बनाने की साजिश है।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अधिकारी ने महिलाओं के कमरे में प्रवेश नहीं किया। महिलाओं को कमरे में पाकर, टीम दरवाजे पर रुक गई और अन्य कमरों की जांच जारी रखी।

एसडीएम ने आगे कहा कि वहाँ मौजूद सभी लोग निर्वाचन क्षेत्र के बाहर से थे और उन्होंने चुनाव टीम के साथ सहयोग नहीं किया। समर्थकों ने सरकारी काम में बाधा डाली और निरीक्षण के दौरान परिसर से वाहन भी हटा दिए।

एसडीएम ने पुष्टि की कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। आचार संहिता का पालन सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह मामला एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे राजनीतिक गतिविधियों को सही दिशा में चलाना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्योति सिंह पर मामला क्यों दर्ज हुआ?
ज्योति सिंह पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है, जब वह मतदान से पहले अपने समर्थकों के साथ एक होटल में ठहरीं।
चुनाव आयोग के नियम क्या हैं?
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार और संबंधित गतिविधियाँ बंद हो जानी चाहिए।
इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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