पीसीए जमीन सौदे पर ईडी की जांच: भाजपा ने AAP सरकार को घेरा, ₹77.99 करोड़ के घोटाले पर FIR की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 16 अक्टूबर 2026 को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) से जुड़े कथित ₹77.99 करोड़ के जमीन सौदे पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को तीखे सवालों के घेरे में लिया। यह प्रतिक्रिया प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर ज़ोन द्वारा मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखे उस पत्र के बाद आई है, जिसमें इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
ढिल्लों के अनुसार, अमरजीत मेहता और पदमजीत मेहता के कार्यकाल के दौरान अजनाला और बठिंडा में किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदी गई और बाद में उसे PCA को कथित तौर पर 15.4 गुना अधिक दाम पर बेच दिया गया। भाजपा का आरोप है कि PCA अध्यक्ष और उनके पुत्र AAP के वरिष्ठ नेता हैं और अब ED की जांच के दायरे में आ चुके हैं।
ढिल्लों ने कहा, 'सरकार से जुड़ा एक और नया घोटाला सामने आया है। पीसीए अध्यक्ष और उनके बेटे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वे ईडी के रडार पर हैं।'
जमीन सौदे का ब्यौरा
ED की प्रारंभिक जांच के अनुसार, PCA ने अजनाला में 155 कनाल 15 मरला जमीन ₹58 करोड़ में और बठिंडा में 100 कनाल 10 मरला जमीन करीब ₹19.76 करोड़ में खरीदी।
आरोपों के अनुसार, इन्हीं ज़मीनों को इससे पहले दो निजी कंपनियों ने किसानों से बेहद कम दामों पर हासिल किया था। पहली कंपनी ने किसानों से 61 कनाल जमीन ₹2.22 लाख प्रति कनाल (कुल ₹1.36 करोड़) में खरीदी और महज चार महीने बाद उसे PCA को ₹37.4 लाख प्रति कनाल की दर से ₹12.03 करोड़ में बेच दिया।
दूसरी कंपनी ने 224 कनाल जमीन किसानों से ₹5.56 करोड़ में ली और बाद में PCA को ₹46.18 करोड़ में बेची। यह ऐसे समय में आया है जब AAP सरकार अपने 'पंजाब मॉडल' को एक पारदर्शी प्रशासन के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
भाजपा की माँगें
भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से स्पष्टीकरण माँगा है कि किसानों से अर्जित रकम कहाँ गई और चार महीनों में जमीन की कीमत 15 गुना कैसे बढ़ी। पार्टी की माँग है कि मोहाली के SSP तत्काल इस मामले में FIR दर्ज करें और एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी की जाए।
ढिल्लों ने आरोप लगाया कि जिस सरकार ने क्रिकेट को बढ़ावा देने का दावा किया, उसने PCA को 'किसानों का शोषण करने वाली एक फैक्ट्री' में बदल दिया है।
आम जनता पर असर
इस मामले में किसानों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है — आरोपों के अनुसार उन्हें उनकी ज़मीन के वाजिब दाम नहीं मिले, जो अंततः क्रिकेट प्रशासन की संपत्ति बन गई। यह मुद्दा पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भूमि अधिकारों से जुड़ा है, जो राज्य के बहुसंख्यक कृषि समुदाय को सीधे प्रभावित करता है।
क्या होगा आगे
ED का पत्र जांच की दिशा में एक औपचारिक कदम है। अब सबकी नजर मोहाली SSP की प्रतिक्रिया, AAP सरकार के आधिकारिक बयान और PCA पदाधिकारियों की ओर से किसी भी खंडन पर टिकी है। राज्य पुलिस यदि FIR दर्ज करती है, तो यह मामला ED की वित्तीय जांच के साथ-साथ आपराधिक जांच की दिशा में भी बढ़ सकता है।