11 अक्टूबर 2026
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पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का AAP सरकार पर हमला: बारिश ने धान खरीद की खामियाँ उजागर कीं

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पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का AAP सरकार पर हमला: बारिश ने धान खरीद की खामियाँ उजागर कीं

सारांश

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — बारिश ने फाजिल्का समेत कई मंडियों में धान की फसल डुबो दी। जल निकासी और तिरपालों की कमी ने खरीद तैयारियों की पोल खोली। किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों दाँव पर हैं।

मुख्य बातें

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 11 अक्टूबर 2026 को AAP सरकार की धान खरीद व्यवस्था की खुलकर आलोचना की।
फाजिल्का समेत पंजाब की कई मंडियों में बारिश के बाद धान की फसल जलभराव में डूबने की खबरें आई हैं।
अपर्याप्त जल निकासी , तिरपालों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव मुख्य समस्याएँ बताई गई हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा प्रहार — ढिल्लों ने कहा कि मनोरंजन छोड़ किसानों की समस्याओं पर ध्यान दें।
BJP ने सरकार से मंडियों की आपात समीक्षा, नुकसान का आकलन और सुचारू खरीद सुनिश्चित करने की माँग की।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 11 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की अनाज मंडियों में बारिश के बाद सामने आए हालात ने धान खरीद तैयारियों की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। चंडीगढ़ से जारी अपने बयान में उन्होंने विशेष रूप से फाजिल्का की मंडियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को किसानों की फसल सुरक्षा में विफल बताया।

मंडियों की स्थिति: क्या है जमीनी हकीकत

फाजिल्का समेत पंजाब के कई कस्बों और गाँवों की मंडियों से आ रही तस्वीरों में किसानों की धान की फसल बारिश के जमा पानी में डूबी दिखाई दे रही है। ढिल्लों के अनुसार, अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था, तिरपालों की कमी और अन्य आवश्यक संसाधनों का अभाव इस संकट की मुख्य वजह है।

उन्होंने कहा कि कटाई के मौसम की शुरुआत में ही मंडियों की यह दुर्दशा आने वाले दिनों में किसानों के लिए और बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। BJP नेता ने इसे राज्य सरकार की पूर्व-योजना की विफलता करार दिया।

किसानों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ

ढिल्लों ने कहा कि किसान खेती में अथक परिश्रम और पर्याप्त धनराशि लगाते हैं। मंडियों में जलभराव के कारण यदि फसलें बर्बाद होती हैं, तो इसका पूरा आर्थिक नुकसान अंततः किसानों को ही उठाना पड़ता है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर AAP सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

गौरतलब है कि पंजाब में धान की खरीद का यह मौसम किसानों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक पड़ाव होता है। मंडियों में किसी भी तरह की लापरवाही का असर सीधे लाखों परिवारों की आजीविका पर पड़ता है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा प्रहार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे निशाने पर लेते हुए ढिल्लों ने कहा कि राज्य सरकार को सार्वजनिक मंचों पर मनोरंजन परोसने के बजाय जमीनी स्तर पर किसानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उनके अनुसार, मंडियों में बुनियादी सुविधाएँ भी न उपलब्ध करा पाना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है।

BJP की माँगें और आगे की राह

ढिल्लों ने AAP सरकार से तत्काल चार कदम उठाने की माँग की: मंडियों की स्थिति की आपात समीक्षा, फसलों को हुए नुकसान का व्यापक आकलन, जल निकासी और तिरपाल जैसी बुनियादी व्यवस्था सुनिश्चित करना, और सुचारू खरीद प्रक्रिया बहाल करना।

उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP किसानों के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी और सरकार को जवाबदेह ठहराना जारी रखेगी। आने वाले दिनों में यदि सरकार ने त्वरित कदम नहीं उठाए, तो यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मंडियों में जलभराव की समस्या नई नहीं — पंजाब में यह हर खरीफ सीजन की पुरानी शिकायत है, जो भाजपा और कांग्रेस के शासन में भी उठती रही है। असली सवाल यह है कि AAP ने 'बदलाव' के वादे के साथ सत्ता संभाली, तो क्या बुनियादी ढाँचागत सुधार हुए? तिरपाल और नाले जैसी छोटी लेकिन निर्णायक व्यवस्थाएँ यदि आज भी विफल हैं, तो यह सरकारी तंत्र की जड़ता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री मान के लिए यह जनाधार-केंद्रित कृषि प्रदेश में एक ऐसी परीक्षा है जिसे वे राजनीतिक व्यंग्य से नहीं, बल्कि ज़मीनी कार्रवाई से ही पास कर सकते हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब की मंडियों में धान खरीद को लेकर क्या समस्या सामने आई है?
बारिश के बाद पंजाब की कई अनाज मंडियों — विशेष रूप से फाजिल्का — में जलभराव के कारण किसानों की धान की फसल डूब गई। जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था, तिरपालों की कमी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव इस संकट की मुख्य वजह बताई जा रही है।
केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार से क्या माँगें की हैं?
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार से मंडियों की तत्काल समीक्षा, फसल नुकसान का आकलन, उचित जल निकासी व तिरपाल की व्यवस्था और सुचारू खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने की माँग की है।
इस मुद्दे से पंजाब के किसानों पर क्या असर पड़ता है?
मंडियों में जलभराव के कारण किसानों की फसलें बर्बाद होने का पूरा वित्तीय बोझ किसानों पर पड़ता है, क्योंकि वे खेती में अपना समय और पूंजी दोनों लगाते हैं। धान का खरीफ सीजन पंजाब के किसानों के लिए साल का सबसे अहम आर्थिक पड़ाव है।
BJP ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की क्या आलोचना की?
ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि वे सार्वजनिक मंचों पर मनोरंजन में व्यस्त हैं जबकि किसान मंडियों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान जमीनी समस्याओं के समाधान पर होना चाहिए।
पंजाब में धान की खरीद व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?
पंजाब में अनाज मंडियों की व्यवस्था और धान खरीद की जिम्मेदारी राज्य सरकार के अधीन आती है। BJP ने मंडियों में अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर AAP सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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