पंजाब में धान खरीद केंद्रों पर किसान परेशान, कांग्रेस ने AAP सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष एवं विधायक परगट सिंह ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब के धान खरीद केंद्रों पर किसानों को भारी बारिश और अपर्याप्त सुविधाओं के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में फसलों की सुरक्षा, समय पर खरीद और भुगतान सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
मुख्य घटनाक्रम
परगट सिंह ने एक बयान में कहा कि किसान छह महीने की कड़ी मेहनत और भारी खर्च के बाद अपनी फसल मंडियों में लाते हैं, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में उनकी फसलें बर्बाद हो जाती हैं। उन्होंने इस स्थिति को सरकार की 'गंभीर प्रशासनिक विफलता' करार दिया।
उनके अनुसार खरीद केंद्रों पर फसलों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएँ तक मौजूद नहीं हैं। इसके साथ ही, पहले से खरीदी गई फसलों का भुगतान भी किसानों को समय पर नहीं किया जा रहा है।
AAP सरकार और केंद्र पर आरोप
परगट सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान मंडियों में किसानों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह केंद्र सरकार की नीतियों ने पंजाब की मंडी खरीद प्रणाली को कमज़ोर किया है, उसी राह पर AAP सरकार भी चल रही है।
'राज्य की खरीद व्यवस्था को मज़बूत करने के दावों के बावजूद,' उन्होंने कहा, 'फसलों की सुरक्षा, समय पर उठान और भंडारण के लिए पर्याप्त इंतज़ाम नहीं किए गए।' उन्होंने माँग की कि केंद्र की नीतियों का विरोध करने वाली राज्य सरकार यह स्पष्ट करे कि पूर्व-तैयारी क्यों नहीं की गई।
मौसम को बहाना बनाने पर एतराज़
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की कठिनाइयों के लिए केवल मौसम को दोष देकर अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उनके अनुसार मानसून की स्थिति पहले से ज्ञात होती है, इसलिए बारिश से फसल सुरक्षा की तैयारी पहले ही की जानी चाहिए थी।
गौरतलब है कि पंजाब में धान खरीद सीज़न अक्टूबर के पहले पखवाड़े में अपने चरम पर होता है और इस दौरान किसानों की निर्भरता सरकारी मंडी तंत्र पर सर्वाधिक होती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में AAP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ है।
आम जनता और किसानों पर असर
धान पंजाब की मुख्य खरीफ फसल है और राज्य के लाखों किसान परिवारों की आजीविका इस सीज़न की खरीद पर निर्भर करती है। फसल भीगने या समय पर न बिकने की स्थिति में न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य भंडारण पर भी असर पड़ सकता है।
आलोचकों का कहना है कि खरीद केंद्रों पर बुनियादी ढाँचे की कमी कोई नई समस्या नहीं है — यह हर फसल सीज़न में सामने आती है, लेकिन ठोस समाधान अभी तक नहीं निकाला जा सका है।
क्या होगा आगे
कांग्रेस के इस हमले के बाद AAP सरकार की ओर से जवाबी बयान की प्रतीक्षा है। परगट सिंह ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार किसानों को तत्काल राहत देने की ठोस कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं करती, कांग्रेस आंदोलन जारी रखेगी।