पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया: एलपीजी की पैनिक बुकिंग घटी, कालाबाजारी पर सख्त निगरानी
सारांश
Key Takeaways
- 3,50,000 नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं।
- एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है।
- सरकार ने कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी है।
- वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर आवंटन बढ़ाया गया है।
- नागरिकों को संयमित उपयोग की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पिछले तीन सप्ताह में 3,50,000 पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं या नए दिए गए हैं। सोमवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक दैनिक मीडिया ब्रीफिंग में यह जानकारी दी कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है और सरकार कालाबाजारी पर कड़ी नज़र बनाए रखी है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है और रिफाइनरियां सामान्य रूप से कार्यरत हैं, जिससे खुदरा उपलब्धता स्थिर बनी हुई है। पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति प्राथमिक उपभोक्ताओं के लिए जारी है, और औद्योगिक मांग का लगभग 80%25 पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पीएनजी के विस्तार के लिए अतिरिक्त एलपीजी आवंटन और नीतिगत समर्थन के माध्यम से पिछले तीन सप्ताह में लगभग 3,50,000 नए घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं। एलपीजी की आपूर्ति पर निगरानी रखी जा रही है, जबकि वितरण जारी है।
शर्मा ने यह भी बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर आवंटन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा, "सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को बढ़ाया है। हम लगातार राज्य सरकारों से अनुरोध कर रहे हैं कि कुल मात्रा का 50%25 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे रेस्टोरेंट, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम सिलेंडर के लिए उपलब्ध कराया जाए।"
कालाबाजारी पर नकेल कसने के उपायों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया, "अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने लगभग 15,800 टन उठाया है, जबकि 15 राज्यों को केरोसिन आवंटित किया गया है। कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने निगरानी तंत्र स्थापित किए हैं, जिसके तहत 37,000 से अधिक छापे, 550 एफआईआर और 150 गिरफ्तारियां हुई हैं। तेल कंपनियों ने 234 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नागरिकों से अपील है कि घबराहट में बुकिंग न करें और एलपीजी का संयमित उपयोग करें।