पीयूष गोयल: एनडीए सहयोगी दल एकजुट होकर सीट बंटवारे का करेंगे निर्णय
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर निर्णय लेंगे।
- बैठक में प्रमुख नेताओं की भागीदारी होगी।
- गुणवत्तापूर्ण परिणामों पर जोर दिया जाएगा।
- चुनावों के लिए संधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- गठबंधन की संभावनाओं को लेकर आशा व्यक्त की गई है।
चेन्नई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु चुनाव के प्रभारी पीयूष गोयल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि एनडीए के सभी सहयोगी दल एक साथ मिलकर सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देंगे।
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए गोयल चेन्नई पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी एक कमरे में बैठकर निर्णय लेंगे।"
चुनाव की प्रक्रिया तेजी से नजदीक आ रही है, जिससे एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन पर बातचीत पूरी करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। गोयल की यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस उच्चस्तरीय बैठक से सहयोगी दलों के बीच निर्वाचन क्षेत्रों के आवंटन पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
अपनी यात्रा के दौरान, गोयल एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी, पीएमके के प्रमुख अंबुमणि रामदास, एएमएमके के नेता टी.टी.वी. दिनाकरन, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन से मिलेंगे।
बैठक से पहले गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि चर्चाएं एक "सहयोगात्मक परिवारिक भावना" से संचालित होंगी, जिसमें सभी सहयोगी दल सर्वसम्मति के लिए काम करेंगे। गोयल ने कहा कि वे समयबद्ध निर्णयों के बजाय गुणवत्तापूर्ण परिणामों को प्राथमिकता देते हैं, अर्थात् संतुलित और निष्पक्ष समझौते पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
गोयल की ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण मोड़ पर आई हैं, जब नामांकन दाखिल करने की तारीखें नजदीक आ रही हैं और सहयोगियों पर निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान करने तथा उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सत्तारूढ़ डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए कृषि, मत्स्य पालन, लघु एवं मध्यम उद्यमों और उद्योगों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा। रोजगार सृजन, युवा सशक्तीकरण और स्टार्टअप को समर्थन देना गठबंधन का मुख्य एजेंडा होगा।
बैठक से न केवल सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद है, बल्कि तमिलनाडु में एनडीए के समन्वित और आक्रामक चुनाव प्रचार की नींव भी रखी जाएगी।