क्या प्रधानमंत्री मोदी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत के लिए उत्सुक हैं?
सारांश
Key Takeaways
- परीक्षा पे चर्चा छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद है।
- इस कार्यक्रम में लाखों छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
- प्रधानमंत्री मोदी तनाव कम करने के लिए सुझाव देंगे।
- यह कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देता है।
- पिछले वर्ष गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षा के समय छात्रों का मनोबल बढ़ाने और तनाव को कम करने के लिए एक विशेष संवाद आयोजित करते हैं। इस संवाद कार्यक्रम का नाम है ‘परीक्षा पे चर्चा’, जिसमें देशभर के छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं। परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण से पहले, पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के प्रति अपनी उत्सुकता व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, और इसी के साथ इस साल का ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम भी आयोजित होने वाला है।
उन्होंने कहा कि वे परीक्षा के विभिन्न पहलुओं पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं, विशेष रूप से परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीकों, शांत और आत्मविश्वासी बने रहने और मुस्कुराते हुए परीक्षा देने के बारे में। वे परीक्षा योद्धाओं से उनके प्रश्न या अनुभव सुनने के लिए भी तैयार हैं, जो दूसरों को प्रेरित कर सकें।
‘परीक्षा पे चर्चा’ में भाग लेने के लिए अब तक पौने तीन करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अपना पंजीकरण कराया है।
इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुल तीन करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने पंजीकरण किया है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। छात्रों के अलावा शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा से संबंधित तनाव, तैयारी, सीखने और मानसिक दृष्टिकोण पर संवाद करते हैं। यह संवाद छात्रों को परीक्षा के भय से मुक्त करने और परीक्षा को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
पिछले वर्ष की बात करें तो 'परीक्षा पे चर्चा' में 245 से अधिक देशों के छात्र शामिल हुए थे, जबकि 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों से अभिभावक भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने थे। तब इस व्यापक भागीदारी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस साल भी करोड़ों आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। यह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति एक बड़ा प्रयास है। संवाद कार्यक्रम में तीन करोड़ पंजीकरण इसकी सफलता और लोकप्रियता को दर्शाते हैं, जो परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक और आत्मविश्वासी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में सहायक है।