गोरखपुर में मेगा सर्जिकल आई कैंप: मिलिट्री डॉक्टरों ने 374 मरीजों की आंखों की रोशनी लौटाई
सारांश
मुख्य बातें
गोरखपुर, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रथम मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप शुक्रवार को 12 एयर फोर्स अस्पताल में समाप्त हुआ। भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने चार दिनों के कैंप में 374 लोगों की जिंदगी को बदलने वाली सर्जरी की।
समापन समारोह में सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल बी मणिकांतन शामिल हुए। इस अवसर पर डायरेक्टर जनरल आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और डायरेक्टर जनरल मेडिकल सर्विसेज (एयर) एयर मार्शल संदीप थरेजा ने उच्चस्तरीय निरीक्षण भी किया।
यह कैंप पूरे क्षेत्र के लिए आशा की किरण बन गया। इस कैंप ने सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, देवरिया, महाराजगंज और गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों के अलावा नेपाल से भी मरीजों को आकर्षित किया। इस मिशन का प्रभाव गोरखपुर के 69 वर्षीय अमरनाथ गुप्ता की आंखों से स्पष्ट देखने को मिला। सालों से अपने पोते-पोतियों के चेहरे देखने की खुशी उनकी कमजोर नजर ने छीन ली थी। सफल सर्जरी के बाद भावुक हुए गुप्ता उन सैकड़ों लोगों में से एक हैं जिन्हें नई रोशनी मिली है।
इस टीम का नेतृत्व आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में ऑप्थैल्मोलॉजी के प्रमुख ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा ने किया, जिन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल रवि चौहान और मेजर अमृता जोशी सहित सर्जिकल टीम का समर्थन मिला। उनकी निरंतर प्रयासों से कैंप को ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई। टीम ने सर्जरी करने के लिए भारतीय वायु सेना के एयरक्राफ्ट से लाए गए विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया।