भारतीय सेना और वायु सेना के चिकित्सकों ने गोरखपुर में एक दिन में 100 आंखों की सर्जरी की

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भारतीय सेना और वायु सेना के चिकित्सकों ने गोरखपुर में एक दिन में 100 आंखों की सर्जरी की

सारांश

गोरखपुर में भारतीय थलसेना और वायुसेना के नेत्र विशेषज्ञों ने 100 से अधिक आंखों की सफल सर्जरी की है। शिविर का लक्ष्य 300 आंखों के ऑपरेशन करना है, जो समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • गोरखपुर में एक दिन में १०० से अधिक आंखों की सर्जरी।
  • ३०० लोगों के ऑपरेशन का लक्ष्य।
  • अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उपयोग।
  • ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा का नेतृत्व।
  • सशस्त्र बलों की मानवीय प्रतिबद्धता का उदाहरण।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय थलसेना और वायुसेना के अनुभवी नेत्र चिकित्सकों ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार को एक दिन में १०० से अधिक आंखों की सर्जरी की। इस शिविर के दौरान ३०० लोगों के आंखों के ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, गोरखपुर में स्थित वायुसेना अस्पताल में यह एक विस्तृत मोतियाबिंद सर्जरी शिविर था। पहले ही दिन १०० से अधिक जटिल नेत्र सर्जरी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गई हैं।

इस विशेष शिविर में उन्नत मोतियाबिंद शल्य क्रिया, सूक्ष्म चीरे द्वारा काला मोतिया उपचार, और जटिल रेटिना संबंधित उपचार शामिल हैं। इस चिकित्सा दल का नेतृत्व वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा कर रहे हैं, जो कि नई दिल्ली स्थित सेना चिकित्सालय के नेत्र विज्ञान विभाग के प्रमुख एवं परामर्शदाता हैं।

यह उल्लेखनीय है कि इस आंखों की सर्जरी शिविर के लिए अत्याधुनिक चिकित्सीय उपकरण वायुसेना के विमानों द्वारा विशेष रूप से गोरखपुर लाए गए हैं, ताकि क्षेत्र के रोगियों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों के आश्रितों और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की आंखों की व्यापक जांच अभी भी की जा रही है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आगामी दिनों में बड़ी संख्या में रोगियों को लाभान्वित होने की संभावना है। पूरे शिविर में ३०० से अधिक सर्जरी प्रक्रियाएं किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह शिविर २७ फरवरी को समाप्त होगा।

गोरखपुर में शिविर का उद्घाटन करते समय सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन और वायुसेना चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा उपस्थित थे। उन्होंने इस पहल को सशस्त्र बलों की मानवीय प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

यह शिविर यह दर्शाता है कि भारतीय सशस्त्र बल न केवल राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का पालन भी कर रहे हैं। इससे पहले, यही विशेषज्ञ दल हिमालय की तराई से लेकर जम्मू और कच्छ के दूरदराज क्षेत्रों में छह सफल नेत्र शिविर आयोजित कर चुका है। अब इस पहल के माध्यम से दूरदराज के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और उन्नत नेत्र चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया गया है।

Point of View

बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों की मानवीयता और सामाजिक जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। यह विशेष शिविर कार्यक्रम दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

गोरखपुर में कितनी आंखों की सर्जरी की गई?
गोरखपुर में १०० से अधिक आंखों की सर्जरी की गई।
इस शिविर का लक्ष्य क्या है?
इस शिविर का लक्ष्य ३०० आंखों की सर्जरी करना है।
इस शिविर का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस शिविर का नेतृत्व ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा कर रहे हैं।
यह शिविर कब समाप्त होगा?
यह शिविर २७ फरवरी को समाप्त होगा।
इस सर्जरी शिविर में क्या शामिल है?
इसमें मोतियाबिंद शल्य क्रिया, काला मोतिया उपचार और जटिल रेटिना उपचार शामिल हैं।
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