क्या ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 में स्वास्थ्य विभाग का दूसरा मेडिकल कैंप सफल रहा?

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क्या ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 में स्वास्थ्य विभाग का दूसरा मेडिकल कैंप सफल रहा?

सारांश

ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित मेडिकल कैंप से 158 घरों का स्वास्थ्य सर्वे किया गया। इस पहल के तहत स्थानीय लोगों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां प्रदान की गईं। इस प्रयास ने क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में मदद की है।

Key Takeaways

  • 158 घरों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।
  • स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक उपचार प्रदान किया।
  • 1580 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए।
  • आवश्यकता पड़ने पर आगे भी मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।
  • लोगों को स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई।

ग्रेटर नोएडा, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-1 में स्वास्थ्य विभाग ने लगातार दूसरे दिन मेडिकल कैंप का आयोजन किया। यह कैंप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा, दनकौर की टीम द्वारा स्थापित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करना और संभावित बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार प्रदान करना था। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल ने स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत दी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतमबुद्धनगर डॉ. नरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा, दनकौर के चिकित्सा अधीक्षक के निर्देशन में यह मेडिकल कैंप आयोजित किया गया था। इस कैंप के तहत स्वास्थ्य विभाग ने तीन सर्वे टीमों का गठन किया, जिन्होंने क्षेत्र में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। इस दौरान कुल 158 घरों का सर्वेक्षण किया गया और प्रत्येक परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की गई। सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न सामान्य बीमारियों से प्रभावित मरीजों की पहचान की गई। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल सात मरीज बीमार पाए गए, जिनमें एक मरीज दस्त से, एक मरीज उल्टी की शिकायत से, दो मरीज बुखार से और तीन मरीज सर्दी-जुकाम से प्रभावित मिले।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया और आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराईं। गंभीर लक्षण पाए जाने पर मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर आगे की जांच और उपचार के लिए परामर्श दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र के प्रत्येक घर में ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट) के 10-10 पैकेट वितरित किए। इस प्रकार कुल 1580 ओआरएस पैकेट स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव किया जा सके।

टीम ने लोगों को साफ पानी पीने, स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की सलाह दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

Point of View

जो स्थानीय समुदाय की स्वास्थ्य स्थिति को सुधारने के लिए प्रयासरत है। नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और संभावित बीमारियों की पहचान करना, यह सब मिलकर एक स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

इस मेडिकल कैंप का उद्देश्य क्या था?
इस मेडिकल कैंप का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करना और संभावित बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार प्रदान करना था।
कितने घरों का सर्वेक्षण किया गया?
कुल 158 घरों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को क्या उपचार प्रदान किया?
स्वास्थ्य विभाग ने सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं।
क्या स्वास्थ्य विभाग आगे भी मेडिकल कैंप लगाएगा?
जी हाँ, स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर वे आगे भी मेडिकल कैंप लगाएंगे।
क्या इस कैंप में ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए?
हाँ, प्रत्येक घर में ओआरएस के 10-10 पैकेट वितरित किए गए।
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