क्या पीएम मोदी की यात्रा से सोमनाथ की स्वच्छता में प्रशासन और सफाई कर्मचारियों का अतुल्य योगदान है?

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क्या पीएम मोदी की यात्रा से सोमनाथ की स्वच्छता में प्रशासन और सफाई कर्मचारियों का अतुल्य योगदान है?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमनाथ यात्रा से पहले सफाई कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। सफाई के प्रयासों से सोमनाथ का वातावरण भक्तिमय और पवित्र बना हुआ है। जानिए कैसे सफाई अभियान ने इस पर्व को और भी खास बना दिया है।

Key Takeaways

  • सोमनाथ में सफाई अभियान से वातावरण स्वच्छ बना हुआ है।
  • प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का धार्मिक महत्व है।
  • स्थानीय प्रशासन और सफाई कर्मियों का योगदान सराहनीय है।

गांधीनगर, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 10 और 11 जनवरी को सोमनाथ की यात्रा पर आने वाले हैं। पीएम मोदी की अध्यक्षता में और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार द्वारा सोमनाथ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026’ का आयोजन किया गया है, जिससे समग्र सोमनाथ भक्तिमय एवं शिवमय बना है।

इस भक्तिमय उत्सव में सोमनाथ को स्वच्छ तथा पवित्र बनाए रखने के लिए शहर का स्थानीय निकाय प्रशासन और अनेक सफाई कर्मचारी अपना अतुल्य योगदान दे रहे हैं।

सोमनाथ महादेव के सान्निध्य में जो भक्ति का वातावरण बना है, उसे स्वच्छता के माध्यम से अधिक मनमोहक बनाने में शहरी निकाय प्रशासन और सफाई कर्मचारियों ने आधारभूत भूमिका निभाई है। विभिन्न नगर पालिकाओं के समन्वय द्वारा स्वच्छता का एक भगीरथ कार्य यहां साकार हो रहा है।

सोमनाथ शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मानव संसाधन का एक विशाल गठबंधन बनाया गया है। सफाई कार्य के लिए वेरावळ नगर पालिका से 300 से अधिक तथा अहमदाबाद, जूनागढ, भावनगर महानगर पालिका और अन्य नगर पालिका क्षेत्रों के 700 से अधिक सहित कुल 1000 से अधिक सफाई कर्मयोगी यहां तत्परता से सेवा दे रहे हैं। पिछले पांच दिनों से दिन-रात ये सफाई कर्मचारी सोमनाथ तथा वेरावळ को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं।

मार्गों की सफाई तथा कचरा उठाने के साथ मार्गों के आसपास अतिरिक्त घास और पेड़-पत्तों की छंटाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया गया है। आधुनिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों द्वारा मुख्य मार्गों की सघन सफाई की जा रही है। इसके अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए आवासीय स्थलों तथा भंडारे के स्थलों पर विशेष सफाई टुकड़ियां तैनात की गई हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर 40 से अधिक मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

उल्लेखनीय है कि सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भक्ति का पावन पर्व है। इस पर्व में लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। ऐसे में शहरी निकाय प्रशासन एवं सफाई कर्मचारियों के परिश्रम की प्रशंसा हो रही है। इसके कारण ही सोमनाथ और वेरावळ का वातावरण स्वच्छ, सुंदर एवं पवित्र बना हुआ है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमनाथ यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि इसके माध्यम से स्वच्छता और समाजिक जिम्मेदारी की भी एक मिसाल पेश की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के प्रयासों से सोमनाथ का वातावरण सच में श्रद्धालुओं के लिए पवित्र और सुंदर बना हुआ है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

सोमनाथ में स्वच्छता अभियान का उद्देश्य क्या है?
सोमनाथ में स्वच्छता अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और पवित्र बनाना है, ताकि श्रद्धालु यहां आकर भक्ति का अनुभव कर सकें।
कितने सफाई कर्मचारी इस अभियान में शामिल हैं?
इस अभियान में 1000 से अधिक सफाई कर्मयोगी शामिल हैं, जो विभिन्न नगर पालिकाओं से आए हैं।
क्या पीएम मोदी की यात्रा से सोमनाथ का महत्व बढ़ेगा?
हां, पीएम मोदी की यात्रा से सोमनाथ का महत्व बढ़ेगा और इससे श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा होगा।
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