भारत के समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने की दिशा में कदम : पीएम मोदी

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भारत के समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने की दिशा में कदम : पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' पर भारत की समुद्री धरोहर और इस क्षेत्र में काम करने वालों के योगदान की सराहना की। उन्होंने समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Key Takeaways

  • राष्ट्रीय समुद्री दिवस हर वर्ष 5 अप्रैल को मनाया जाता है।
  • भारत ने समुद्री कानूनों में सुधार किए हैं।
  • 150 से अधिक पहलों से समुद्री क्षेत्र की क्षमता दोगुनी हुई है।
  • भारत का समुद्री क्षेत्र जीडीपी में लगभग 4 प्रतिशत योगदान देता है।
  • विज़न 2047 के तहत समुद्री क्षेत्र को और मजबूत करने की योजना है।

दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' के अवसर पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और समुद्री क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों के योगदान की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह दिन भारत की समृद्ध समुद्री धरोहर को याद करने और इस क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों के अतुलनीय योगदान को सम्मानित करने का अवसर है। समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों की मेहनत और समर्पण देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपने समुद्री क्षेत्र की विशाल संभावनाओं का लाभ उठाकर एक समृद्ध भविष्य की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, "21वीं सदी में, भारत का समुद्री क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है। हमने पुराने औपनिवेशिक शिपिंग कानूनों को बदलकर 21वीं सदी के आधुनिक और भविष्य की ओर उन्मुख कानून लागू किए हैं। ये नए कानून राज्य समुद्री बोर्डों को सशक्त करते हैं, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करते हैं, और बंदरगाह प्रबंधन को डिजिटल बनाते हैं।"

उन्होंने बताया कि 'मैरीटाइम इंडिया' विज़न के तहत 150 से अधिक पहलों की शुरुआत की गई है, जिसके परिणामस्वरूप बड़े बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है, टर्नअराउंड समय कम हुआ है और क्रूज़ पर्यटन में वृद्धि हुई है।

इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर भारत के समुद्री क्षेत्र के कर्मियों को मेरी शुभकामनाएं।"

उन्होंने कहा, "शांति के समय या कठिनाइयों में, देश के विकास में आपके पेशेवरता और साहस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश आपकी निष्ठा को सलाम करता है।"

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस अवसर पर देश के नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी व्यक्तियों को सम्मानित किया।

उन्होंने 'एक्स' पर कहा कि भारत की समुद्री धरोहर हमारी ताकत है और यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश के तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने एक मजबूत और टिकाऊ समुद्री भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'एक्स' पर लिखा, "सदियों से भारत के समुद्री मार्गों के जरिए दुनिया से जुड़ने का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर मैं साहसी और निडर नाविकों को बधाई देता हूं।"

ज्ञात रहे कि राष्ट्रीय समुद्री दिवस हर वर्ष 5 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन 1919 में भारत के पहले स्वामित्व वाले जहाज 'एसएस लॉयल्टी' की मुंबई से लंदन की पहली यात्रा की याद में मनाया जाता है। उस समय भारतीय शिपिंग ने ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती दी थी।

इस दिन का पहला आयोजन 1964 में किया गया था। भारत के विज़न 2047 के अंतर्गत समुद्री क्षेत्र को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 4 प्रतिशत का योगदान देता है, जिसे 2047 तक बढ़ाकर दो अंकों तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और 1 करोड़ से अधिक नई नौकरियों का सृजन करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Point of View

NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय समुद्री दिवस कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय समुद्री दिवस हर वर्ष 5 अप्रैल को मनाया जाता है।
राष्ट्रीय समुद्री दिवस का महत्व क्या है?
यह दिन भारत के पहले स्वामित्व वाले जहाज 'एसएस लॉयल्टी' की पहली यात्रा की याद में मनाया जाता है।
पीएम मोदी ने इस अवसर पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
क्या 'मैरीटाइम इंडिया' विज़न के तहत कोई पहल की गई है?
'मैरीटाइम इंडिया' विज़न के तहत 150 से अधिक पहलों की शुरुआत की गई है।
भारत का समुद्री क्षेत्र जीडीपी में कितना योगदान देता है?
वर्तमान में यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 4 प्रतिशत का योगदान देता है।
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