क्या पीएम मोदी ने काजीरंगा कॉरिडोर की नींव रखी? असम की प्रगति से मजबूत हो रही भारत की ग्रोथ स्टोरी
सारांश
Key Takeaways
- काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर असम की प्रगति को दर्शाता है।
- यह पर्यावरण के प्रति जागरूक नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट है।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेगा।
- काजीरंगा भारत की जैव विविधता का एक अनमोल रत्न है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने 260 करोड़ पौधों के अभियान का जिक्र किया।
कालियाबोर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन किया। यह 86 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट पर्यावरण के प्रति जागरूक नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट है, जिसमें 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर होगा, जो काजीरंगा नेशनल पार्क से होकर गुजरेगा। इसके साथ ही उन्होंने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि असम का आत्मविश्वास, सामर्थ्य और प्रगति भारत की ग्रोथ स्टोरी को नई ऊर्जा दे रही है। आज असम तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। असम की अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है, और इस विकास में बोडोलैंड और यहां के लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि काजीरंगा केवल एक नेशनल पार्क नहीं है, यह असम की आत्मा है। यह भारत की जैव विविधता का एक अनमोल रत्न है और यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है। पीएम मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तब अवसर भी उत्पन्न होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। होमस्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं।
इस बीच, पीएम मोदी ने अपने दो साल पहले काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम के अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा, "फिर से काजीरंगा आने का सौभाग्य मिला है। यह अनुभव मेरे जीवन के खास पल में से एक है।"
उन्होंने कहा, "मुझे काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम का अवसर मिला था और अगले दिन एलिफेंट सफारी के दौरान मैंने इस क्षेत्र की सुंदरता को बहुत नजदीक से महसूस किया। मुझे हमेशा असम आकर एक अलग ही खुशी मिलती है।"
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि पिछले एक दशक में देश में जंगलों और पेड़ों का कवरेज बढ़ा है। लोग 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में सक्रिय भाग ले रहे हैं, जिसके तहत अब तक 260 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।