PM मोदी ने 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन को किया संबोधित, 2047 तक विकसित भारत की कूटनीतिक रणनीति पर मंथन

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PM मोदी ने 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन को किया संबोधित, 2047 तक विकसित भारत की कूटनीतिक रणनीति पर मंथन

सारांश

नई दिल्ली में तीन दिनों तक चले 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन में PM मोदी ने भारत के राजदूतों और उच्चायुक्तों को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए कूटनीतिक रोडमैप दिया। व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन — तीन 'T' — इस रणनीति के केंद्र में हैं।

Key Takeaways

PM नरेंद्र मोदी ने 30 अप्रैल 2025 को 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन (HOM) के अंतिम दिन राजदूतों और उच्चायुक्तों को संबोधित किया। सम्मेलन का विषय '2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार' था; आयोजन 28–30 अप्रैल तक कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में हुआ। चर्चा के तीन मुख्य स्तंभ — व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन (3T) — भारत की वैश्विक भागीदारी की धुरी बने। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 29 अप्रैल को उद्घाटन भाषण दिया और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय कूटनीति की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। सम्मेलन में प्रवासी भारतीयों के साथ संबंध गहरे करने और भविष्य के लिए तैयार कूटनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली के कृषि विज्ञान परिसर में आयोजित विदेश मंत्रालय के 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन (HOM) के अंतिम दिन राजदूतों और उच्चायुक्तों को संबोधित किया। 28 से 30 अप्रैल तक चले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का केंद्रीय विषय '2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार' था, जिसमें भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन में क्या हुआ

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा,

Point of View

अमेरिका-चीन तनाव और पश्चिम एशिया की उथल-पुथल के बीच भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की परीक्षा हो रही है। '3T' का फ्रेमवर्क सही दिशा में है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राजनयिक मिशन इन लक्ष्यों को मापने योग्य व्यापार और निवेश परिणामों में बदल पा रहे हैं। 2047 का विज़न महत्वाकांक्षी है, परंतु इसके लिए कूटनीतिक क्षमता निर्माण — विशेषकर प्रौद्योगिकी और जलवायु कूटनीति में — उतनी ही ज़रूरी है जितनी रणनीतिक घोषणाएँ।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

11वाँ मिशन प्रमुख सम्मेलन (HOM) क्या है?
यह विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन है जिसमें विदेशों में तैनात भारत के राजदूत, उच्चायुक्त और वरिष्ठ राजनयिक भाग लेते हैं। 11वाँ संस्करण 28 से 30 अप्रैल 2025 तक नई दिल्ली के कृषि विज्ञान परिसर में आयोजित हुआ।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था?
इस वर्ष के सम्मेलन का केंद्रीय विषय '2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार' था। चर्चा में व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन (3T) को बढ़ावा देने, भारत की वैश्विक छवि को व्यापक बनाने और भविष्य के लिए तैयार कूटनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया।
PM मोदी ने सम्मेलन में क्या कहा?
PM मोदी ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारियों के ज़रिये भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने और प्रवासी भारतीयों के साथ संबंध गहरे करने पर बल दिया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कूटनीतिक भागीदारी पर अपने विचार और सुझाव भी साझा किए।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सम्मेलन में क्या कहा?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 29 अप्रैल को उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में विश्व के साथ भारत की भागीदारी में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है और एक अस्थिर व अशांत विश्व में भारतीय कूटनीति राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है।
सम्मेलन में और किन विषयों पर चर्चा हुई?
तीन दिनों में प्रतिभागियों ने विभिन्न भू-राजनीतिक घटनाक्रम, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, भारत की वैश्विक छवि (भारत की गाथा), प्रवासी भारतीयों से संबंध और भविष्य के लिए तैयार कूटनीति जैसे विषयों पर योग सत्र, विचार-मंथन और टेबल टॉप अभ्यास के ज़रिये विचार-विमर्श किया।
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