क्या प्रदूषण के सवाल पर सदन से वॉकआउट कर ‘आप’ ने सरकार का घेराव किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर है।
- आम आदमी पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह चर्चा से भाग रही है।
- नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रदूषण पर ठोस जवाब की मांग की।
- एक्यूआई मॉनिटरों में छेड़छाड़ का आरोप।
- सरकार को प्रदूषण पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण जनहित के विषय पर चर्चा से भागने के लिए सदन से बाहर चली गई। नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में 'आप' विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और सरकार से एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के बारे में स्पष्ट उत्तर मांगा।
'आप' का आरोप है कि जैसे ही विपक्ष ने प्रदूषण पर चर्चा करने की बात की, सत्ता पक्ष ने चर्चा टालने के लिए वॉकआउट कर दिया। इस पर आतिशी ने प्रतिक्रिया में कहा कि यह संभवतः देश के संसदीय इतिहास में पहली बार है जब सत्ता पक्ष ने विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया और फिर सदन छोड़ दिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि सरकार के पास प्रदूषण पर जनता को देने के लिए कोई ठोस उत्तर नहीं है।
आतिशी ने बताया कि आज दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है। छोटे बच्चे स्टेरॉइड और इन्हेलर के सहारे सांस ले रहे हैं, बुजुर्गों की जान पर बन आई है और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों में प्रदूषण से संबंधित बीमारियों के मरीजों से बिस्तर भरे हुए हैं। इसके बावजूद सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ ड्रामेबाजी कर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने एक्यूआई मॉनिटरों में छेड़छाड़ के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे दिल्ली और देश ने देखा है कि किस तरह एक्यूआई मॉनिटरों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि आंकड़ों को कम दिखाया जा सके, जबकि हकीकत यह है कि प्रदूषण के कारण लोगों की जान जा रही है। 'आप' ने मांग की कि इस तरह की दिखावटी कार्रवाई बंद की जाए और प्रदूषण पर तत्काल गंभीर चर्चा की जाए।
आतिशी ने हाल ही में हुए एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया के मशहूर फुटबॉलर लियोनेल मेसी दिल्ली आए और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उनके साथ मंच पर थीं, तब 'एक्यूआई-एक्यूआई' के नारे लगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के सामने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति है और यह प्रदूषण के मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले भाजपा पंजाब में पराली जलाने को प्रदूषण का कारण बताती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं बहुत कम हैं। इसके बावजूद दिल्ली की स्थिति बदतर हो गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर भी प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में असफल रही हैं।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि सत्ता पक्ष को राजनीति छोड़कर दिल्ली के सबसे जरूरी मुद्दे प्रदूषण पर सदन में जवाब देना चाहिए। 'आप' विधायकों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।