प्रतापगढ़ में कपड़ा शोरूम में भीषण आग, ₹50 लाख का सामान जलकर राख; शॉर्ट सर्किट की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 की तड़के एक कपड़ा शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसमें कथित तौर पर ₹50 लाख से अधिक मूल्य का कपड़ा और कॉस्मेटिक सामान जलकर राख हो गया। अग्निशमन विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी चौराहे के निकट स्थित कपड़ा शोरूम में सुबह लगभग 5 बजे हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान से उठते काले धुएँ के गुबार ने आसपास के लोगों को सतर्क किया।
सुबह की सैर पर निकले राहगीरों ने शोरूम से धुआँ उठते देखा और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद अग्निशमन दल मौके पर पहुँचा और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई।
दमकल की कार्रवाई
अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक शोरूम में रखी साड़ियाँ, कपड़े और कॉस्मेटिक सामान बड़े पैमाने पर नष्ट हो चुके थे।
सहायक अग्निशमन अधिकारी राधे श्याम दुबे ने बताया, 'प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट के चलते कपड़े के शोरूम में भीषण आग लगी। आग पर काबू पा लिया गया है। मामले में जाँच-पड़ताल और कार्रवाई की जा रही है।'
शोरूम मालिक को भारी नुकसान
शोरूम के मालिक अनुराग सिंह ने नुकसान का ब्यौरा देते हुए कहा, 'शोरूम में कॉस्मेटिक सामान और साड़ियाँ थीं। लगभग ₹50 लाख रुपए का नुकसान है।' यह उनकी आजीविका पर गंभीर आर्थिक चोट है।
गौरतलब है कि किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, जो इस घटना में एकमात्र राहत की बात है।
उत्तर प्रदेश में आगजनी की बढ़ती घटनाएँ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अग्निकांड की घटनाएँ एक बार फिर चर्चा में हैं। इससे एक दिन पहले, गुरुवार को गाजियाबाद में एक फैक्ट्री में भी भीषण आग लग गई थी, जिसे बुझाने के लिए सात दमकल वाहनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन फैक्ट्री में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पुरानी वायरिंग शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग के प्रमुख कारण हैं। प्रतापगढ़ की यह घटना एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और व्यवसायियों को अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा का संकेत देती है।