अलीगढ़ के लुधियाना वूलन मार्केट में भीषण आग, ₹2.5 करोड़ का माल जलकर खाक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रामघाट रोड स्थित लुधियाना वूलन मार्केट में 6 नवंबर 2026 को धनतेरस की सुबह करीब 9:30 बजे भीषण आग लग गई, जिससे कथित तौर पर ₹2.5 करोड़ से अधिक का माल जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कई दुकानें पूरी तरह भस्म हो चुकी थीं।
आग कैसे भड़की
पीड़ित दुकानदार रूपेश कुमार (निवासी, बड़े जवां) के अनुसार, आग लगने के समय कई दुकानदार मार्केट के अंदर ही सो रहे थे। एक युवक ने आग देखकर आवाज लगाई, लेकिन तब तक लपटें इतनी तेज़ी से फैल चुकी थीं कि उन्हें रोकना मुश्किल हो गया।
रूपेश कुमार ने आरोप लगाया कि किसी ने मार्केट के एक कोने की तरफ कुछ फेंका और वहीं से आग भड़की। हालाँकि, आग लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है और जाँच जारी है।
नुकसान का आकलन
रूपेश कुमार ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से इस मार्केट में गर्म कपड़ों का कारोबार करते आ रहे हैं। इस बार वे लगभग ₹2.5 करोड़ का माल लेकर आए थे, जो पूरी तरह जल गया। आग लगने की वजह और कुल नुकसान पर अधिकारिक आँकड़ों का इंतजार है।
यह ऐसे समय में आया है जब धनतेरस और दीपावली के मौके पर मार्केट में भारी भीड़ और बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा होता है, जिससे आग का जोखिम और बड़े नुकसान की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
फायर विभाग की प्रतिक्रिया
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) मुकेश कुमार ने बताया, 'लुधियाना वूलन मार्केट में लगी इस आग से कई दुकानें पूरी तरह जल गईं। हमने दमकल गाड़ियाँ तैनात कीं और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है।'
दिल्ली में भी इसी दिन लगी आग
गौरतलब है कि इसी शुक्रवार को दिल्ली के गफ्फार मार्केट (करोल बाग) में भी तड़के मोबाइल एक्सेसरीज की एक दुकान में भीषण आग लग गई। आग एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत की सभी मंजिलों तक फैल गई।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, करोल बाग थाने को रात 1:28 बजे 'चैन वाली गली' स्थित इमारत में आग लगने की पीसीआर कॉल मिली। आग पर काबू पाने के लिए लगभग 20-25 दमकल गाड़ियाँ मौके पर तैनात की गईं।
आगे क्या
अलीगढ़ में अग्निशमन विभाग और पुलिस ने आग लगने के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। पीड़ित दुकानदारों ने मुआवजे की माँग की है। त्योहारी सीज़न में इस तरह की घटनाएँ व्यापारियों के लिए बड़े संकट का कारण बनती हैं और बाज़ारों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।