क्या प्रवासी समुदाय की सफलता भारत की वैश्विक पहचान और प्रतिष्ठा को बढ़ाती है?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने डिजिटल नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष अन्वेषण और आर्थिक गतिशीलता में देश की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रवासी समुदाय भारत की यात्रा का एक अनिवार्य हिस्सा है।
डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि प्रवासी समुदाय की सफलता भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत बनाती है। उनके द्वारा उत्पन्न निवेश के अवसर तथा उनके बच्चे दो संस्कृतियों के बीच एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण करते हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने अजरबैजान के बाकू में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए 1,000 से अधिक व्यक्तियों की सभा की सराहना की। इस सभा में अंतरराष्ट्रीय तेल एवं गैस, आतिथ्य और कमोडिटी ट्रेडिंग क्षेत्रों के पेशेवर तथा 380 विश्वविद्यालय के छात्र शामिल थे।
उन्होंने समुदाय की एकता की प्रशंसा की और कहा कि यह एकता विभिन्न संगठनों की स्थापना में स्पष्ट होती है, जैसे कि इंडियन अजरबैजान एसोसिएशन, अजरबैजान तेलुगू एसोसिएशन, बाकू तमिल संघम और इंडियन स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ अजरबैजान।
केंद्रीय राज्य मंत्री पेम्मासानी ने कहा कि यह सभा आधुनिक, लचीला और महत्वाकांक्षी भारत का प्रतीक है, जो अपने देश से हजारों मील दूर होने के बावजूद भी अपनी संस्कृति में गहराई से निहित है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "तेल और गैस से लेकर आतिथ्य तक, हर व्यक्ति की यात्रा उस शक्ति और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है जो ग्लोबल इंडियन फैमिली को परिभाषित करती है।"
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने बाकू में प्रवासी भारतीयों के समुदाय को संबोधित किया।
उन्होंने युवाओं से अनुरोध किया कि वे अपनी दोहरी पहचान को गर्व से अपनाएं और भारत के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक बहुसांस्कृतिक दृष्टिकोण से जोड़ें। उन्होंने भारतीय समुदाय से जुड़े रहने, ज्ञान साझा करने, युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन करने और भारत की विकास यात्रा में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने समुदाय को आश्वस्त किया कि भारत के द्वार उनके लिए हमेशा खुले हैं।