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प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, 3.46 करोड़ रुपए से होंगे दो प्रमुख मंदिरों का विकास

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प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, 3.46 करोड़ रुपए से होंगे दो प्रमुख मंदिरों का विकास

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के दो महत्वपूर्ण मंदिरों के विकास की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 3.46 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्य बातें

3.46 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
करछना का फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव का दुर्गा मंदिर शामिल हैं।
आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
परियोजना से तीर्थ यात्रा में वृद्धि की उम्मीद है।
सरकार का ध्यान कम चर्चित आस्था स्थलों पर भी है।

लखनऊ, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयागराज के दो प्रमुख आस्था स्थलों के विकास की योजना को हरी झंडी दी है। करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3.46 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के द्वारा मंदिर परिसरों का नया रूप दिया जाएगा और श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि तीर्थ नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले भक्तों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुकी है।

उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित आस्था केंद्रों के विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी कड़ी में, करछना के फलाहिरी बाबा मंदिर के विकास के लिए करीब 1.64 करोड़ रुपए और सोरांव के दुर्गा मंदिर तथा देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1.82 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि फलाहिरी बाबा मंदिर के विकास के लिए 40 लाख रुपए और सोरांव के दुर्गा मंदिर के लिए 45 लाख रुपए की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इन परियोजनाओं में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संगम नगरी प्रयागराज सदियों से आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है और यह प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका लक्ष्य है कि प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के साथ-साथ कम ज्ञात धार्मिक स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता दी जाए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में लगभग 69 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने प्रयागराज का दौरा किया। हाल ही में आयोजित माघ मेला 2026 में करीब 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जो जिले में तीव्र गति से बढ़ते धार्मिक पर्यटन को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल भक्तों की संख्या को बढ़ाएगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। सरकार का यह प्रयास सकारात्मक दिशा में है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज में किस दो मंदिरों का विकास किया जाएगा?
प्रयागराज में करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील का दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा का विकास किया जाएगा।
इस परियोजना में कुल कितना खर्च होगा?
इस परियोजना में कुल 3.46 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
क्या नई सुविधाएं श्रद्धालुओं को मिलेंगी?
हाँ, मंदिर परिसरों में आधुनिक सुविधाएं जैसे कि यात्री शेड, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा आदि उपलब्ध कराई जाएंगी।
कब तक इस परियोजना का कार्य पूरा होगा?
इस परियोजना का कार्य जल्द ही शुरू होगा, लेकिन विशेष समय सीमा की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
राष्ट्र प्रेस
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