क्या संगम तट पर सजेगा संस्कृति-अध्यात्म का महोत्सव?

Click to start listening
क्या संगम तट पर सजेगा संस्कृति-अध्यात्म का महोत्सव?

सारांश

प्रयागराज में माघ मेला-2026 का आयोजन तीन से 30 जनवरी तक होगा। इस महोत्सव में भारतीय संस्कृति, कला और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रमुख कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होंगे।

Key Takeaways

  • माघ मेला-2026 का आयोजन तीन से 30 जनवरी तक होगा।
  • संगम तट पर संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
  • प्रमुख कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां होंगी।
  • यह आयोजन भारतीय संस्कृति का सशक्त अभिव्यक्ति होगा।
  • श्रद्धालुओं के लिए विशिष्ट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

लखनऊ, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रयागराज की पावन भूमि पर माघ मेला-2026 के अवसर पर भारतीय संस्कृति, कला और आध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा। तीन से 30 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के माध्यम से देश-प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकार रंगीन और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत संस्कृति निदेशालय की स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा प्रयागराज में माघ मेला-2026 के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन भारतीय सनातन परंपरा, लोक-संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक होगा।

प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि त्रिवेणी संगम की पुण्यभूमि प्रयागराज प्राचीन काल से तप, साधना, स्नान, दान और सत्संग की परंपरा का केंद्र रही है। इसी आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रेरित होकर माघ मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भारतीय जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति देंगी।

उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा चयनित कलाकारों के माध्यम से शास्त्रीय संगीत (ध्रुपद, खयाल), वाद्य संगीत (सितार, सरोद, बांसुरी, वाद्यवृंद), शास्त्रीय नृत्य और नृत्य-नाटिका (कथक, ओडिसी), लोकनृत्य (ढेढिया, करमा, मयूर, फरुवाही, अवध लोकनृत्य, फूलों की होली, पाई डंडा), भजन, कबीर वाणी, सुंदरकांड, शंख वादन, देशभक्ति और उप-शास्त्रीय गायन जैसी विविध विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि माघ मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की जीवंत अभिव्यक्ति है। संगम तट पर कला और अध्यात्म का यह समन्वय 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना को और सुदृढ़ करेगा।

माघ मेला-2026 को और भव्य बनाने के लिए देश के सुप्रसिद्ध सेलेब्रिटी कलाकारों को आमंत्रित किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें लोकगायिका मालिनी अवस्थी, भक्ति व शास्त्रीय गायिका ममता जोशी, मैहर बैंड (उत्तम पांडेय), भजन सम्राट अनूप जलोटा और लोकप्रिय लोक-फ्यूजन समूह कबीर कैफे प्रमुख हैं। इसके अलावा मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे प्रमुख पर्वों के अवसर पर ऋषि सिंह, सुरेश शुक्ला, प्रतिभा सिंह बघेल, पियूषा कैलाश, स्वाति मिश्रा, आकांक्षा त्रिपाठी सहित अनेक विशिष्ट कलाकारों की प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सेलेब्रिटी कलाकारों की सहभागिता से माघ मेला-2026 कला, संस्कृति और अध्यात्म के महोत्सव के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा। संगम तट पर आयोजित ये सांस्कृतिक संध्याएं श्रद्धालुओं, साधु-संतों, पर्यटकों और कला-प्रेमियों को भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक गहराइयों और लोक परंपराओं की समृद्ध विरासत से जोड़ेंगी।

संस्कृति और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव ने अपने संदेश में कहा कि माघ मेला हमारी प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और आयोजन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

Point of View

बल्कि यह भारतीय संस्कृति और कला की समृद्ध विरासत को भी उजागर करेगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव होगा, बल्कि सशक्त सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का भी माध्यम बनेगा।
NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

माघ मेला कब आयोजित होगा?
माघ मेला-2026 का आयोजन तीन से 30 जनवरी तक होगा।
इस मेले में कौन-कौन से कलाकार भाग लेंगे?
इस मेले में मालिनी अवस्थी, ममता जोशी, अनूप जलोटा और अन्य प्रमुख कलाकार भाग लेंगे।
क्या माघ मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन है?
नहीं, माघ मेला कला, संस्कृति और आध्यात्म का महोत्सव है।
कौन से प्रमुख पर्वों पर कार्यक्रम होंगे?
मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे पर्वों पर कार्यक्रम होंगे।
इस मेले का उद्देश्य क्या है?
इस मेले का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और आध्यात्म का प्रचार-प्रसार करना है।
Nation Press