बलबीर पुंज की स्मृति में 30 अप्रैल को दिल्ली में प्रार्थना सभा, RSS-BJP के वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
सारांश
Key Takeaways
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज की स्मृति में 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में एक प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक जनपथ स्थित केंद्र में होगा, जहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, BJP पदाधिकारी और मीडिया जगत की著名 हस्तियाँ इस दिग्गज जन-बुद्धिजीवी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित होंगे।
कार्यक्रम का विवरण
आयोजकों के अनुसार, प्रार्थना सभा में RSS के प्रमुख नेताओं के अलावा BJP पदाधिकारी, केंद्रीय मंत्री और जाने-माने पत्रकार व बुद्धिजीवी शामिल होंगे। यह आयोजन बलबीर पुंज की विरासत और पाँच दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करने का अवसर होगा। डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में स्थित एक प्रतिष्ठित सभागार है, जहाँ अक्सर राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
बलबीर पुंज का निधन
बलबीर पुंज का 76 वर्ष की आयु में 18 अप्रैल को नोएडा के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके जाने से राजनीतिक, पत्रकारिता और बौद्धिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई और सभी वर्गों के नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेताओं की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुंज को एक विपुल लेखक, विचारक और सार्वजनिक बुद्धिजीवी बताया। उन्होंने कहा कि पुंज के लेखन में राष्ट्रीय पुनरुत्थान के प्रति गहरी प्रतिबद्धता झलकती है और संसद में उनके भाषण तथ्यों और सिद्धांतों से भरपूर थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने BJP के बौद्धिक विस्तार में पुंज की भूमिका की सराहना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें राष्ट्रवादी विचारधारा का एक मजबूत स्तंभ बताया और उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया। पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के साथ शोक व्यक्त करते हुए उनके निधन को जनजीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
पाँच दशकों का गौरवशाली करियर
बलबीर पुंज ने 1971 में 'द मदरलैंड' से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की और बाद में लगभग दो दशकों तक 'फाइनेंशियल एक्सप्रेस' के साथ कार्य किया। 1996 से 2000 के बीच उन्होंने 'द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स' के कार्यकारी संपादक का दायित्व भी निभाया।
दो बार राज्यसभा सदस्य रहे पुंज ने 2000 से 2006 तक उत्तर प्रदेश और 2008 से 2014 तक ओडिशा का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने राष्ट्रीय युवा आयोग की अध्यक्षता भी की, जो राज्य मंत्री के पद के समकक्ष है। उनके निधन के साथ भारत ने एक ऐसे बुद्धिजीवी को खो दिया जिन्होंने पत्रकारिता, राजनीति और सार्वजनिक नीति तीनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी।