क्या प्रेग्नेंसी में महिलाओं के लिए भद्रासन वरदान है?
सारांश
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नई दिल्ली, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कहा जाता है कि बच्चे को जन्म देने के समय माताओं को 206 हड्डियों के टूटने जैसा दर्द होता है। लेकिन, इससे पहले का सफर भी आसान नहीं होता है क्योंकि गर्भावस्था में महिलाओं को कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योगासन एक बड़ा सहारा बन सकता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, एक विशेष योगासन है भद्रासन, जो महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है।
'भद्र' शब्द का अर्थ है 'दृढ़', 'सज्जन', या 'सौभाग्यशाली'। यह आसन शरीर को मजबूत करने के साथ-साथ मस्तिष्क को स्थिरता भी प्रदान करता है। खासकर गर्भवती महिलाओं और मासिक धर्म के दौरान पेट दर्द से पीड़ित महिलाओं के लिए यह एक वरदान है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन का नियमित अभ्यास गर्भावस्था को आसान बनाता है, जिससे प्रसव में भी आसानी होती है। यह आसन महिलाओं को मासिक धर्म के समय होने वाले असहनीय पेट दर्द और ऐंठन से भी राहत दिलाता है। इसके अलावा, यह शरीर को मजबूती प्रदान करता है और मन को शांति में रखता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली कमर दर्द, थकान और तनाव जैसी समस्याओं में भी यह काफी प्रभावी है।
योग विशेषज्ञ भद्रासन का अभ्यास कैसे करें? इसके लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर बैठें। दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएँ। फिर घुटनों को मोड़कर पैरों के तलुओं को आपस में जोड़ें। एड़ियों को पेट के पास लाएँ और हाथों से पैरों को पकड़ें। इस दौरान पीठ और गर्दन को सीधा रखें और आँखें बंद कर गहरी सांस लें। शुरुआत में 1-2 मिनट तक इस आसन में रहें, धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ।
महिलाओं के लिए भद्रासन कई तरीकों से फायदेमंद है। यह पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन और दर्द को कम करने में मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। भद्रासन न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह तनाव को कम करने में भी सहायक है।
हालांकि, गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही अभ्यास करना चाहिए। किसी भी योगासन को करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना बहुत जरूरी है।