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क्या असम से शुरू हुआ पवित्र नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचा?

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क्या असम से शुरू हुआ पवित्र नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचा?

सारांश

गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ पर आयोजित पवित्र नगर कीर्तन असम से अमृतसर पहुंचा है। यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, बल्कि यह खालसा पंथ की वीरता और समर्पण का प्रतीक भी है। आइए, जानते हैं इस भव्य आयोजन के बारे में।

मुख्य बातें

गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी वर्षगांठ का आयोजन पवित्र नगर कीर्तन का असम से अमृतसर तक का सफर खालसा पंथ की वीरता का प्रदर्शन श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा आगामी कार्यक्रमों की योजना

अमृतसर, ८ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुरु तेग बहादुर जी की ३५०वीं शहीदी वर्षगांठ के अवसर पर पवित्र नगर कीर्तन शुक्रवार को असम से श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचा, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान खालसा पंथ की शान और वीरता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने फूलों से पवित्र नगर कीर्तन का स्वागत किया है।

२६ राज्यों से होकर नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था से नगर कीर्तन का स्वागत किया और फूलों की वर्षा की।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र-छाया में और पंच प्यारे की अगुवाई में यह नगर कीर्तन डेरा बाबा नानक साहब की तरफ रवाना हो चुका है। इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब में पारंपरिक गीतों से नगर कीर्तन का स्वागत हुआ। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने गुरु तेग बहादुर जी की ३५०वीं शहादत वर्षगांठ पर कहा कि "निरंतर अमृत संचार पारंपरिक रूप से क्रम में आयोजित किए जा रहे हैं। २१ नवंबर से लेकर ३० नवंबर तक लगातार अमर संचार होगा और हम संगत से अपील करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग अमर संचार से जुड़ें और गुरु तेग बहादुर जी के शौर्य और उनके जीवन के बारे में जानें।"

गुरु तेग बहादुर जी की ३५०वीं शहीदी वर्षगांठ के मौके पर पंजाब सरकार बीते काफी दिनों से पंजाब के अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित करा रही है। स्कूलों में १५ दिवसीय खास पाठ्यक्रम चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत १० नवंबर से होगी। इसके अलावा, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें हर उम्र के बच्चों को इतिहास से रुबरू कराया जाएगा।

गुरु तेग बहादुर की शहादत वर्षगांठ पर राज्य के कई जिलों में लाइट एंड साउंड भी रखे जा रहे हैं, जिसमें गुरु तेग बहादुर के जीवन और शहादत की कहानी आधुनिक तरीके से बताई जाएगी।

आधुनिक शो ४५ मिनट का होने वाला है। लाइट शो ४ नवंबर से शुरू होकर २० नवंबर तक चलेंगे। इस मौके पर जिले के विधायक, मंत्री और सरकारी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि जिले में हो रहे पवित्र नगर कीर्तन को 'गार्ड ऑफ ऑनर' से भी सम्मानित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजनों से हमें अपने इतिहास को समझने और अपने मूल्यों को सहेजने का अवसर मिलता है। यह आयोजन सभी भारतीयों को एकजुट करने का एक माध्यम है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी वर्षगांठ कब मनाई जाती है?
गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी वर्षगांठ हर साल २४ नवंबर को मनाई जाती है।
पवित्र नगर कीर्तन का उद्देश्य क्या है?
पवित्र नगर कीर्तन का उद्देश्य गुरु जी के जीवन और उनके शौर्य का प्रचार करना है।
इस वर्ष की नगर कीर्तन में कितने श्रद्धालु शामिल हुए थे?
इस वर्ष की नगर कीर्तन में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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