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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विजयवाड़ा में सरस मेले का उद्घाटन करेंगी, 600 से अधिक स्टॉल में SHG महिलाओं के उत्पाद

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विजयवाड़ा में सरस मेले का उद्घाटन करेंगी, 600 से अधिक स्टॉल में SHG महिलाओं के उत्पाद

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विजयवाड़ा में सरस मेले का उद्घाटन करेंगी, जहाँ 600 से अधिक स्टॉल में देशभर की SHG महिलाओं के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। बुधवार को पहुँचीं मुर्मु ने कनक दुर्गा मंदिर में पूजा भी की। यह मेला 'लखपति दीदी' अभियान को ज़मीनी रूप देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेले का उद्घाटन करेंगी।
मेले में 600 से अधिक स्टॉल होंगे, जिनमें देशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पाद प्रदर्शित रहेंगे।
आयोजन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु SHG सदस्यों और 'लखपति दीदियों' के साथ दोपहर के भोजन में भी शामिल होंगी।
बुधवार रात राष्ट्रपति ने इंद्राकीलाद्री स्थित कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में राष्ट्रीय स्तर के सरस मेले का उद्घाटन करेंगी, जिसे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से आयोजित कर रही हैं। इस मेले में देशभर के स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।

मेले का स्वरूप और उद्देश्य

सरस मेला — यानी ग्रामीण कारीगरों की सोसायटी के उत्पादों की बिक्री का राष्ट्रीय मंच — ग्रामीण महिला उद्यमियों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इस आयोजन में 600 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें भारत के विभिन्न राज्यों की महिला SHG सदस्यों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य उत्पाद और अन्य हस्तनिर्मित सामान प्रदर्शित रहेंगे।

कार्यक्रम के पश्चात् राष्ट्रपति मुर्मु स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों तथा 'लखपति दीदियों' के साथ दोपहर के भोजन में शामिल होंगी — एक ऐसा संकेत जो ग्रामीण महिला सशक्तीकरण के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विजयवाड़ा आगमन और स्वागत

बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मु दिल्ली से विशेष विमान द्वारा गन्नवरम हवाई अड्डे पहुँचीं। वहाँ उनका स्वागत राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, खान, भूविज्ञान एवं आबकारी राज्य मंत्री कोल्लू रवींद्र, आंध्र प्रदेश की गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वंगलापुडी अनिता, मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद, राज्य पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता, कृष्णा जिले के कलेक्टर डी.के. बालाजी और जिला पुलिस अधीक्षक वी. विद्या सागर नायडू ने किया।

कनक दुर्गा मंदिर में दर्शन

हवाई अड्डे से राष्ट्रपति मुर्मु सड़क मार्ग से इंद्राकीलाद्री पहुँचीं और वहाँ देवी कनक दुर्गा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने बुधवार रात कनक दुर्गा मंदिर में प्रार्थना की, जिसके बाद मंदिर के पुजारियों ने 'वेद आशीर्वचन' का पाठ किया और उन्हें पवित्र प्रसाद भेंट किया।

इंद्राकीलाद्री पहुँचने पर गृह मंत्री वी. अनिता, सांसद केसिनेनी चिन्नी, मंदिर अध्यक्ष राधाकृष्ण, कार्यकारी अधिकारी शीना नाइक तथा अन्य मंदिर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। गर्भगृह में पूजा के बाद वैदिक विद्वानों और मंदिर अधिकारियों ने राष्ट्रपति को आशीर्वाद दिया और उन्हें रेशमी साड़ियाँ, एक शॉल तथा देवी का चित्र भेंट किया। राष्ट्रपति ने कतारों में खड़े भक्तों को भी हाथ जोड़कर अभिवादन किया।

आम जनता और ग्रामीण महिलाओं पर असर

सरस मेला ग्रामीण भारत की उन महिला उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण विक्रय मंच है, जो प्रायः बड़े बाज़ारों तक पहुँचने में असमर्थ रहती हैं। 600 से अधिक स्टॉल का यह आयोजन न केवल आय का अवसर प्रदान करता है, बल्कि 'लखपति दीदी' अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता के लक्ष्य को भी गति देता है।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार स्वयं सहायता समूहों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के प्रयासों को तेज़ कर रही है। राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति इस आयोजन को एक राष्ट्रीय महत्व का संदेश देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि ऐसे मेले अल्पकालिक विक्रय अवसर तो देते हैं, लेकिन ग्रामीण महिला उद्यमियों को स्थायी बाज़ार से जोड़ने की संरचनात्मक चुनौती अभी भी बनी हुई है। असली परीक्षा यह है कि क्या SHG महिलाओं को मेले के बाद भी नियमित डिजिटल या खुदरा बाज़ार से जोड़ा जा रहा है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरस मेला क्या है और यह किसके लिए है?
सरस मेला (ग्रामीण कारीगरों की सोसायटी के उत्पादों की बिक्री) एक राष्ट्रीय स्तर का हस्तशिल्प एवं उत्पाद मेला है, जिसे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय आयोजित करता है। इसमें देशभर के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ अपने हस्तनिर्मित उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकती हैं।
विजयवाड़ा सरस मेले में कितने स्टॉल होंगे?
इस बार विजयवाड़ा में आयोजित सरस मेले में 600 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें देश के विभिन्न राज्यों की SHG महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने विजयवाड़ा दौरे में और क्या किया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुधवार रात गन्नवरम हवाई अड्डे पहुँचीं और वहाँ से इंद्राकीलाद्री जाकर कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने 'वेद आशीर्वचन' का पाठ किया और उन्हें रेशमी साड़ियाँ, शॉल और देवी का चित्र भेंट किया।
'लखपति दीदी' क्या है और इसका सरस मेले से क्या संबंध है?
'लखपति दीदी' केंद्र सरकार का एक अभियान है, जिसके तहत SHG से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय को ₹1 लाख से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। सरस मेला इन महिलाओं को बड़े बाज़ार तक पहुँच देकर इसी लक्ष्य को ज़मीनी स्तर पर साकार करने का प्रयास है। राष्ट्रपति मुर्मु कार्यक्रम के बाद इन्हीं 'लखपति दीदियों' के साथ दोपहर के भोजन में शामिल होंगी।
सरस मेले का आयोजन कौन कर रहा है?
विजयवाड़ा का सरस मेला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह मेला ग्रामीण महिला उद्यमिता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दीर्घकालिक पहल का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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