क्या पृथ्वीराज चव्हाण अच्छे आदमी हैं, केंद्र सरकार का साथ दें?: रामदास आठवले
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की ज़मानत रद्द हुई।
- रामदास आठवले ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण पर तीखा हमला किया।
- पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी को निरर्थक बताया।
- बांग्लादेश में आईपीएल पर बैन के पीछे की वजह स्पष्ट की।
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की ज़मानत रद्द होने के बाद की गई नारेबाजी पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने तीखा जवाब दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
रामदास आठवले ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि दंगों में कई लोगों की जान गई थी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उमर खालिद एक छात्र था, लेकिन उसे इस प्रकार की घटनाओं में शामिल नहीं होना चाहिए था। इस दंगे में इन लोगों की भी भूमिका थी और इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत देने से इनकार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ इस तरह के नारे लगाने से कुछ नहीं होने वाला। जनता उनके साथ है।
उन्होंने यह भी कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग के टुकड़े होते जा रहे हैं। भारत के टुकड़े करना असंभव है। जब तक बाबा साहेब का संविधान है, तब तक देश के टुकड़े नहीं हो सकते। बाबा साहेब का सम्मान करने वाली जनता खुद के टुकड़े करवा सकती है, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने देगी। इस गैंग को संविधान का सम्मान करना चाहिए। पीएम मोदी ने देश का विकास किया है और उनके खिलाफ इस प्रकार की भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
जेएनयू के वामपंथी छात्रों के बारे में उन्होंने कहा कि नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और उनका अंत हो रहा है। उन्हें समझना चाहिए कि इस रास्ते पर चलने से किसी को न्याय नहीं मिलेगा। जो लोग आदिवासियों और गरीबों को न्याय दिलाना चाहते हैं, उन्हें नक्सलवाद छोड़कर अंबेडकरवाद अपनाना चाहिए। मेरा उनसे आह्वान है कि वे मुख्यधारा से जुड़ें। विचारधारा के खिलाफ लड़ाई हो सकती है, लेकिन देशविरोधी नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें इसी प्रकार के बयान देने के लिए रखा है। वह एक अच्छे आदमी हैं, जो महाराष्ट्र के सीएम और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उन्हें ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का मामला उनका आंतरिक मामला है, लेकिन भारत में ऐसा कभी नहीं हो सकता। ऐसा करने की किसी में हिम्मत नहीं है। मुझे लगता है कि पृथ्वीराज चव्हाण को गलत बात नहीं करनी चाहिए। यह भारत का अपमान है। उन्हें केंद्र सरकार का साथ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी डरी हुई है। उन्हें कहीं सफलता नहीं मिल रही है। इसीलिए वे इस प्रकार के बयान देकर पब्लिसिटी पाना चाहते हैं। राहुल गांधी पीएम मोदी के खिलाफ बोलते रहते हैं, अब वही जिम्मेदारी पृथ्वीराज चव्हाण को दी गई है।
बांग्लादेश में आईपीएल पर बैन के बारे में उन्होंने कहा कि यह उनका फैसला है। आईपीएल दुनिया भर में लोकप्रिय है और इसमें बांग्लादेश के खिलाड़ी खेलते रहे हैं। पहले उनकी टीम मजबूत नहीं थी, लेकिन अब वह मजबूत हो गई है। बांग्लादेश के एक खिलाड़ी को आईपीएल में नहीं लिया गया, तो उनकी यह प्रतिक्रिया आई है। टीम में किसे लेना है और किसे नहीं, यह टीम के मुखिया का काम है। इसके पीछे बांग्लादेश का विरोध कारण नहीं है। उनका स्टैंड गलत है।
आठवले ने कहा कि बांग्लादेश के लोग ही आईपीएल देखने के लिए सरकार से बैन हटाने की मांग करेंगे। जैसे पहले हिंसा और आंदोलन हो चुके हैं, वैसा फिर से हो सकता है। बांग्लादेश के लोग क्रिकेट प्रेमी हैं। जिस तरह नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगाए जाने के बाद लोग सड़क पर उतरे थे, उसी तरह बांग्लादेश में युवा सड़क पर उतरेंगे और सत्ता बदल देंगे। अब सरकार के इस निर्णय को भी लोग बदल देंगे।