11 जुलाई 2026
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क्या डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को घेरा?

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क्या डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को घेरा?

सारांश

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट ने कांग्रेस पार्टी को सरकार पर हमलावर बना दिया है। प्रियंका गांधी वाड्रा से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे तक ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है। जानिए इस महत्वपूर्ण आर्थिक स्थिति का क्या मतलब है और इसके पीछे की वजह क्या है।

मुख्य बातें

कांग्रेस पार्टी ने रुपे की गिरावट पर सरकार को घेरा।
प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाए सवाल।
रुपए की गिरावट का असर महंगाई और निवेश पर पड़ सकता है।

नई दिल्ली, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए में गंभीर गिरावट के बाद कांग्रेस पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संदर्भ में कांग्रेस महासचिव और वायनाड के सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार से सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "जब मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रुपया मजबूत था, तब भाजपा ने क्या कहा था? आज उनके पास इसका क्या जवाब है, यह पूछा जाना चाहिए।"

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रुपए में गिरावट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार की नीतियों के कारण रुपया कमजोर हो रहा है। यदि सरकार की नीति सही होती, तो रुपए की मूल्य बढ़ती।"

उन्होंने आगे कहा, "रुपए की कमजोरी से यह स्पष्ट होता है कि हमारी आर्थिक स्थिति संतोषजनक नहीं है। सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन वैश्विक स्तर पर हमारी करेंसी की कोई मूल्य नहीं है।"

मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर भी एक पोस्ट किया और लिखा, "2014 से पहले भाजपा ने कहा था, 'हिंदुस्तान का रुपया कमजोर क्यों हो रहा है?' आपको इसका जवाब देना होगा। देश आपसे जवाब मांग रहा है।" आज हम भाजपा सरकार से यही सवाल पूछ रहे हैं।

वास्तव में, डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपए की कीमत में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। इस सप्ताह रुपए में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रुपया गुरुवार को भी तेजी से गिरा, 22 पैसे घटकर कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच 90 रुपए प्रति डॉलर के निशान से काफी ऊपर बना रहा।

गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 90.41 पर कमजोर खुला, जबकि पिछले दिन यह 90.19 पर बंद हुआ था। यह गिरावट एक दिन बाद आई है, जब 3 दिसंबर को रुपया पहली बार 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि रुपए की गिरावट केवल एक आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह हमारी पूरी आर्थिक नीति और व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है। हमें सरकार से ठोस जवाब और समाधान की आवश्यकता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुपए में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
रुपए में गिरावट का मुख्य कारण सरकार की आर्थिक नीतियां और वैश्विक आर्थिक स्थिति है।
क्या यह गिरावट देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी?
हाँ, रुपए की गिरावट से महंगाई बढ़ सकती है और विदेशी निवेश में कमी आ सकती है।
कांग्रेस पार्टी का इस पर क्या रुख है?
कांग्रेस पार्टी ने सरकार की नीतियों को दोषी ठहराते हुए इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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