क्या राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान पुंछ के छात्रों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की?
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय एकता यात्रा का महत्व
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संवाद
- सीमाई क्षेत्रों के युवाओं का योगदान
- प्रेरणादायक अनुभव
- भारतीय सेना की भूमिका
नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ के कॉलेज के छात्रों ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन ने इस मुलाकात की जानकारी साझा की है। यह राष्ट्रीय एकता यात्रा का एक विशेष और यादगार क्षण था, जिसे भारतीय सेना द्वारा आयोजित किया गया था।
यह यात्रा पुंछ ब्रिगेड के तहत व्हाइट नाइट कॉर्प्स की ऐस ऑफ स्पेड डिवीजन द्वारा आयोजित की गई थी और इसे 3 जनवरी 2026 को ब्रिगेडियर सचिंद्र जोशी, वीएसएम, कमांडर, पुंछ ब्रिगेड ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस पहल का उद्देश्य सीमाई क्षेत्रों के युवाओं को भारत के नेतृत्व, संस्थानों और राष्ट्रीय धरोहर से जोड़कर उन्हें सार्थक अनुभव देना है।
इस प्रतिनिधिमंडल में कृष्ण चंदर सरकारी डिग्री कॉलेज, पुंछ के 22 छात्र-छात्राएं (13 लड़के और 9 लड़कियां) शामिल थे। ये सभी राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बातचीत की। राष्ट्रपति से बातचीत छात्रों के लिए प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण अनुभव रही, जिससे उन्हें देशभक्ति, जिम्मेदारी और सेवा के मूल्यों को और मजबूत किया।
राष्ट्रीय राजधानी में अपने दौरे के दौरान छात्रों ने जीओसी दिल्ली एरिया, लेफ्टिनेंट जनरल भाविश कुमार, एवीएसएम, वीएसएम से भी मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस यात्रा कार्यक्रम में नेशनल वॉर मेमोरियल, पीएम संग्रालय, नेशनल म्यूजियम, जलियांवाला बाग और गोल्डन टेम्पल की भी यात्रा शामिल है।
राष्ट्रीय एकता यात्रा भारतीय सेना की युवाओं के साथ जुड़ाव, राष्ट्रीय एकता और देश के निर्माण के प्रति विशेष रूप से सीमाई क्षेत्रों में निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।