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पंजाब के अधिकारों का उल्लंघन: बीबीएमबी में घटती हिस्सेदारी पर मजीठिया की चेतावनी

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पंजाब के अधिकारों का उल्लंघन: बीबीएमबी में घटती हिस्सेदारी पर मजीठिया की चेतावनी

सारांश

पंजाब के जल और विद्युत संसाधनों के प्रबंधन में गंभीर आरोपों के बीच शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा है। क्या पंजाब के अधिकारों की रक्षा हो रही है?

मुख्य बातें

पंजाब के जल और विद्युत संसाधनों पर गंभीर आरोप।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में अधिकारों का उल्लंघन।
बिक्रम मजीठिया ने पंजाब और केंद्र सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
पंजाब की वित्तीय स्थिति पर कर्ज का बढ़ता बोझ।
अकाली दल का विरोध जारी रहेगा।

चंडीगढ़, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के जल और विद्युत संसाधनों के प्रमुख संस्थान भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है।

शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पंजाब के जल और विद्युत संसाधनों के केंद्र भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के अधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है। यह न केवल विफलता है बल्कि स्पष्ट आत्मसमर्पण है।"

बिक्रम मजीठिया ने पंजाब और केंद्र सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "पंजाब की स्थिति मजबूत होने के बजाय, कमजोरी और केंद्र सरकार के साथ कथित मिलीभगत के कारण राज्य को अपने हिस्से का नुकसान हो रहा है। जल मुद्दे के बाद, बीबीएमबी में पंजाब का हिस्सा भी घट रहा है, जो एक स्पष्ट पैटर्न को दर्शाता है। केंद्र सरकार के साथ समन्वय के संकेत पंजाब के हितों को कमजोर किए जाने की ओर इशारा करते हैं।"

मजीठिया ने आगे कहा, "पंजाब को पहले एसवाईएल मुद्दे पर भी मुश्किल में डाला गया था और वही सिलसिला जारी है। सरकार चुप है और अधिकारों की रक्षा करने के बजाय विज्ञापनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शासन केवल विज्ञापनों से नहीं चल सकता। अधिकारों के लिए आवाज उठाना गायब है। अकाली दल इसका विरोध जारी रखेगी।"

वहीं, पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा, "बीबीएमबी भर्ती नियमों में संशोधन पंजाब के उचित अधिकारों पर सीधा हमला है। यह महज़ नीतिगत बदलाव नहीं है बल्कि पंजाब के अधिकारों और संसाधनों पर उसके नियंत्रण को कमजोर करने का जानबूझकर प्रयास है। क्या यह पंजाब पर केंद्र की पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है?"

इससे पहले बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया था कि पंजाब सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर और बोझ डाल दिया है। मजीठिया ने कहा कि यह नया कर्ज ऐसे समय में लिया गया है, जब राज्य पहले से ही भारी कर्ज में डूबा हुआ है। राजकोषीय अनुशासन पर ध्यान देने या देनदारियों को कम करने के बजाय, सरकार कर्जों पर निर्भर रहना जारी रखे हुए है, जिससे पंजाब और भी गहरे वित्तीय संकट में डूब रहा है। मजीठिया ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये के इस कर्ज का इस्तेमाल दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के लिए विमानों के इंतजाम और सरकारी विज्ञापनों पर किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक माहौल में चिंता का एक नया स्तर उत्पन्न हो रहा है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड क्या है?
यह पंजाब के जल और विद्युत संसाधनों का प्रबंधन करने वाला एक प्रमुख संस्थान है।
बिक्रम मजीठिया ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने सरकार पर पंजाब के अधिकारों का उल्लंघन करने और केंद्र के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।
क्या पंजाब की वित्तीय स्थिति ठीक है?
मजीठिया का कहना है कि सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेकर स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
क्या एसवाईएल मुद्दा भी इसी तरह का है?
हाँ, मजीठिया का कहना है कि पहले भी पंजाब को एसवाईएल मुद्दे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
पंजाब कांग्रेस का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बीबीएमबी भर्ती नियमों में संशोधन को पंजाब के अधिकारों पर हमला बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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