2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पंजाब में बाढ़ के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर सामान्य स्थिति लौट रही है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पंजाब में बाढ़ के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर सामान्य स्थिति लौट रही है?

सारांश

गुरदासपुर, 23 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बाढ़ के बाद पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ के जवान मरम्मत का काम शुरू कर चुके हैं। यह स्थिति भारत-पाकिस्तान सीमा पर सामान्यीकरण की ओर बढ़ रही है। जानिए इस संकट के दौरान बीएसएफ ने क्या कदम उठाए।

मुख्य बातें

बीएसएफ ने बाढ़ के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
करतारपुर कॉरिडोर का मार्ग भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है, जिसे सही किया जा रहा है।
गुरदासपुर में स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ रही है।
सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए बीएसएफ ने जवानों की तैनाती की।
स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं।

गुरदासपुर, 23 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान से सटे पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है, जिससे बीएसएफ के जवान लौटकर अपनी चौकियों की मरम्मत में जुट गए हैं। बाढ़ ने बीएसएफ के बॉर्डर आउट पोस्ट को काफी नुकसान पहुँचाया था।

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बाढ़ के कारण बीएसएफ को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। कई स्थानों पर बाढ़ के कारण सीमा सुरक्षा बल को दर्जनों चौकियाँ खाली करनी पड़ी थीं। इस दौरान, बीएसएफ के जवानों ने 550 आम नागरिकों को बाढ़ से सुरक्षित निकाला। बाढ़ ने करतारपुर कॉरिडोर को भी नुकसान पहुँचाया था।

गुरदासपुर सेक्टर के बीएसएफ डीआईजी जेके बर्डी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि गुरदासपुर में आई बाढ़ ने सबसे पहले बीएसएफ की बॉर्डर आउट पोस्ट को नुकसान पहुँचाया था। इसके बावजूद, कुछ जवानों को सीमा पर तैनात किया गया था।

उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया। बाढ़ के दौरान पानी का बहाव तेज था, जिससे अधिकांश चौकियाँ डूब गई थीं।

उन्होंने बीएसएफ और आर्मी के कमांडरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस कठिन समय में लगभग 1,200 बीएसएफ जवानों और 550 नागरिकों को बाढ़ से सुरक्षित बाहर निकाला।

उन्होंने बताया कि सीमा पर पानी भरने के बावजूद हर एक बॉर्डर आउट पोस्ट पर 15 से 20 जवान तैनात थे ताकि दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और नागरिक सुरक्षित रहें। अब बाढ़ का पानी घटने के बाद बीएसएफ के आउट पोस्ट की मरम्मत का काम शुरू हो गया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में चिकित्सा कैंप लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया है ताकि बीमारियों से लोगों की रक्षा की जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को भी बाढ़ ने नुकसान पहुँचाया है। वहां जाने वाला रास्ता पूरी तरह से टूट चुका है, जिसे फिर से ठीक करने का काम जारी है ताकि श्रद्धालुओं को श्री करतारपुर साहिब जाने में कोई कठिनाई न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह स्वीकार करना होगा कि प्राकृतिक आपदाएँ हमेशा चुनौतियाँ लाती हैं, लेकिन बीएसएफ और सेना ने इस संकट में अद्वितीय साहस और मानवता दिखाई है। ऐसे समय में जब नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम एकजुट होकर आगे बढ़ें।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाढ़ के कारण बीएसएफ को कितना नुकसान हुआ?
बाढ़ के कारण बीएसएफ के कई बॉर्डर आउट पोस्ट को गंभीर नुकसान हुआ है, जिसके कारण जवानों को कई चौकियाँ खाली करनी पड़ीं।
बीएसएफ ने बाढ़ के दौरान क्या कदम उठाए?
बीएसएफ के जवानों ने बाढ़ में फंसे 550 नागरिकों को सुरक्षित निकाला और चौकियों की मरम्मत का कार्य शुरू किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 10 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले