स्वतंत्रता दिवस 2026: पंजाब DGP गौरव यादव ने रूपनगर रेंज के अधिकारियों संग की सुरक्षा समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने 12 अगस्त 2026 को एसएएस नगर में रूपनगर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस बैठक में रूपनगर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर और फतेहगढ़ साहिब जिलों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में क्या हुआ
डीजीपी गौरव यादव ने बैठक में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधी बातचीत की और उनके सुझाव सुने। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क, आत्मविश्वास से भरे और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखें, विजिबल पुलिसिंग सुनिश्चित करें और किसी भी नई चुनौती का तेज़ी और मज़बूती से सामना करें। डीजीपी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "पंजाब पुलिस पूरे राज्य में एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण स्वतंत्रता दिवस सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध है।"
लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में भी हुई समीक्षा
यह समीक्षा दौरा केवल रूपनगर रेंज तक सीमित नहीं रहा। इससे एक दिन पहले सोमवार को डीजीपी ने लुधियाना का दौरा किया, जहाँ उन्होंने लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस और लुधियाना रेंज के अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
गौरतलब है कि लुधियाना से पहले अमृतसर और जालंधर में भी इसी श्रृंखला की बैठकें पूरी की जा चुकी थीं। इस प्रकार डीजीपी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब के प्रमुख शहरों और रेंजों को सुरक्षा की दृष्टि से कवर किया।
पुलिसिंग योजना की मुख्य प्राथमिकताएँ
डीजीपी गौरव यादव ने स्वतंत्रता दिवस की पुलिसिंग योजना की समीक्षा करते हुए तीन बिंदुओं पर विशेष ज़ोर दिया — पुलिस की प्रभावी मौजूदगी और तैनाती, समारोह स्थलों की सुरक्षा, और लोगों के जमा होने वाली जगहों पर निगरानी।
उन्होंने कहा कि पुलिसिंग सक्रिय और लोगों पर केंद्रित होनी चाहिए, ताकि नागरिक पूरे भरोसे, गर्व और सुरक्षा की भावना के साथ राष्ट्रीय पर्व मना सकें।
व्यापक सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा
यह बैठकों की श्रृंखला पंजाब पुलिस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत 15 अगस्त से पहले राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था की समग्र समीक्षा की जा रही है। पंजाब, जो सीमावर्ती राज्य है, में राष्ट्रीय पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से संवेदनशील मानी जाती है।
आगे के दिनों में पंजाब पुलिस की तैनाती और समन्वय की असली परीक्षा 15 अगस्त 2026 को होगी, जब राज्यभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएँगे।