पंजाब पुलिस के 1,804 जवान शहीद: DGP गौरव यादव ने जालंधर में 67वें स्मृति दिवस पर दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को जालंधर स्थित पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) मुख्यालय में पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को नमन किया। 67वें राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में उन्होंने बताया कि सितंबर 1981 से अब तक पंजाब पुलिस के 1,804 बहादुर जवान ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं, जिनमें इस वर्ष शहीद हुए दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
समारोह का आयोजन
श्रद्धांजलि समारोह का नेतृत्व DGP गौरव यादव ने किया। इस अवसर पर विशेष DGP (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार सिन्हा और ADGP एम.एफ. फारूकी भी उपस्थित रहे। PAP परिसर स्थित शहीद स्मारक पर औपचारिक परेड निकाली गई और कमांडेंट ने पिछले एक वर्ष में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नाम पढ़कर सुनाए। कार्यक्रम का समापन दो मिनट के मौन और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुष्पचक्र अर्पण के साथ हुआ।
डीजीपी का संबोधन
DGP गौरव यादव ने पंजाब पुलिस को एक असाधारण और गौरवशाली बल बताते हुए कहा, 'आज हम जिस शांतिपूर्ण माहौल में सांस ले रहे हैं, वह इन बहादुर शहीदों के बलिदान की वजह से संभव हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह बल सीमावर्ती राज्य में सीमाओं की रक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह दिवस देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए आतंकवादियों और अपराधियों से मुकाबला करने में प्राण न्योछावर करने वाले जवानों की स्मृति में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई
समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में DGP ने बताया कि 16 मार्च 2022 से अब तक स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत 95,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 1.27 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 7,260 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई है। उन्होंने दावा किया कि अदालतों में 90 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर हासिल की गई है।
नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार करते हुए पंजाब पुलिस ने तस्करों की ₹902 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज की हैं। DGP के अनुसार, संपत्ति जब्ती के मामले में यह देश की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
गैंगस्टर विरोधी अभियान और आगे की राह
अप्रैल 2022 में शुरू किए गए गैंगस्टर विरोधी अभियानों के तहत संगठित अपराध के 1,288 नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं और 3,300 से अधिक गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है। DGP ने 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि इसे अब 60 दिनों के गहन अभियान के रूप में आगे बढ़ाया गया है, जिसके तहत चिह्नित नशा प्रभावित क्षेत्रों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और नागरिक प्रशासन के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा चौबीसों घंटे संयुक्त निगरानी की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक संपर्क बढ़ाकर और युवाओं के लिए खेल के मैदान विकसित करके नशे से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों को पुनः सुरक्षित बनाना है।