21 अक्टूबर 2026
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पुलिस स्मृति दिवस 2026: उत्तरकाशी में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, गिरवीर रमोला के परिजन सम्मानित

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पुलिस स्मृति दिवस 2026: उत्तरकाशी में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, गिरवीर रमोला के परिजन सम्मानित

सारांश

उत्तरकाशी में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद स्मारक ज्ञानसू पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए। SP कमलेश उपाध्याय ने शहीद गिरवीर रमोला के परिजनों को सम्मानित किया और हर परिस्थिति में सहयोग का भरोसा दिलाया। देशभर में पिछले वर्ष 154 जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए।

मुख्य बातें

21 अक्टूबर 2026 को उत्तरकाशी में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया; पुलिस लाइन ज्ञानसू स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय और पुलिस उपाधीक्षक चंचल शर्मा सहित अनेक अधिकारियों ने शहीदों को नमन किया।
शहीद पुलिस कर्मी स्वर्गीय गिरवीर रमोला के परिजनों को सम्मानित किया गया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।
पिछले वर्ष देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 154 जवान शहीद हुए।
उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार ( टिहरी गढ़वाल ) भी इन शहीदों में शामिल थे।

उत्तरकाशी में 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन ज्ञानसू स्थित शहीद स्मारक पर वीर शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। देश और समाज की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस कर्मियों की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तरकाशी पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्मारक पर पुष्प अर्पित किए।

शहीद जवानों के सम्मान में सलामी दी गई और दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जनपद की सभी कोतवाली, थानों और पुलिस चौकियों में भी संबंधित प्रभारियों की उपस्थिति में शहीद पुलिस जवानों को नमन किया गया।

शहीद परिजनों का सम्मान

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने शहीद पुलिस कर्मी स्वर्गीय गिरवीर रमोला के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने परिजनों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा आश्वस्त किया कि उत्तराखंड पुलिस परिवार हर सुख-दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

अधीक्षक उपाध्याय ने परिजनों को स्पष्ट किया कि विभाग से संबंधित किसी भी समस्या अथवा आवश्यकता के लिए वे निःसंकोच अपनी बात रख सकते हैं और विभाग सदैव उनकी सहायता के लिए तत्पर रहेगा।

पुलिस अधीक्षक का संबोधन

पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों के त्याग, समर्पण और अदम्य साहस को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की रक्षा करते हुए अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि शहीद पुलिस जवानों की कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य

पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गत वर्ष देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 154 जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल थे, जो टिहरी गढ़वाल जनपद से संबंधित थे।

गौरतलब है कि पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है — यह तिथि 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए 10 केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की स्मृति में समर्पित है।

आगे का रास्ता

उत्तरकाशी पुलिस ने सभी वीर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए संकल्प लिया कि उनका साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा सदैव पुलिस बल का मार्गदर्शन करती रहेगी। शहीदों के परिजनों को दिए गए सहयोग के वचन के साथ, विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया कि बलिदानी कर्मियों के परिवारों को हर स्तर पर प्रशासनिक सहायता मिलती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि शहीद परिजनों को दिए गए 'सहयोग के भरोसे' ज़मीनी स्तर पर कितने सार्थक हैं। देशभर में 154 जवानों के बलिदान का आँकड़ा यह याद दिलाता है कि पुलिस बल आज भी गंभीर जोखिमों में काम करता है, फिर भी उनके कल्याण और पुनर्वास तंत्र पर नीतिगत चर्चा अपेक्षाकृत कम रहती है। श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के साथ-साथ शहीद परिवारों के दीर्घकालिक वित्तीय और सामाजिक पुनर्वास की जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिस स्मृति दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए CRPF के 10 जवानों की याद में समर्पित है और देशभर में कर्तव्य के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले सभी पुलिसकर्मियों के सम्मान का अवसर है।
उत्तरकाशी में पुलिस स्मृति दिवस 2026 पर क्या हुआ?
21 अक्टूबर 2026 को उत्तरकाशी पुलिस ने पुलिस लाइन ज्ञानसू स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। SP कमलेश उपाध्याय ने शहीद गिरवीर रमोला के परिजनों को सम्मानित किया और दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
शहीद गिरवीर रमोला कौन थे?
स्वर्गीय गिरवीर रमोला उत्तरकाशी जनपद के शहीद पुलिस कर्मी थे जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। पुलिस स्मृति दिवस 2026 पर उनके परिजनों को पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्मानित किया गया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।
पिछले वर्ष देशभर में कितने पुलिस जवान शहीद हुए?
पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गत वर्ष देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 154 जवान शहीद हुए। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार (टिहरी गढ़वाल) भी शामिल थे।
शहीद पुलिस परिजनों को क्या सहयोग दिया जाता है?
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस परिवार शहीद कर्मियों के परिजनों के साथ हर सुख-दुःख में खड़ा रहेगा। विभाग से संबंधित किसी भी समस्या या आवश्यकता के लिए परिजन निःसंकोच संपर्क कर सकते हैं और विभाग सदैव उनकी सहायता के लिए तत्पर है।
राष्ट्र प्रेस
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