पुलिस संस्मरण दिवस 2026: झारखंड में 154 शहीदों को श्रद्धांजलि, DGP तदाशा मिश्रा ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
पुलिस संस्मरण दिवस पर 21 अक्टूबर 2026 को झारखंड में राज्यभर के पुलिस केंद्रों पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। रांची के डोरंडा स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस-1 (जैप-1) परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में देशभर में पिछले एक वर्ष में शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों को याद किया गया, जिनमें झारखंड के तीन जवान भी शामिल हैं।
झारखंड के शहीद जवान
इस वर्ष झारखंड से जिन तीन पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, उनमें दुमका के पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत, पलामू के आरक्षी सुनील राम और संतन कुमार मेहता शामिल हैं। समारोह में तीनों के नामों का वाचन किया गया और उपस्थित जवानों तथा अधिकारियों ने उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा।
इसके अलावा, रांची जिला बल के उन 20 पुलिसकर्मियों को भी विशेष रूप से स्मरण किया गया, जिन्होंने वर्षों के कर्तव्य पालन में अपने प्राण गंवाए। सुरक्षा बल के जवानों ने शस्त्र झुकाकर परंपरागत सलामी दी।
मुख्य समारोह और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने जैप-1 परिसर में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है और इसमें तनाव तथा विविध कठिनाइयाँ नित्य आती हैं, फिर भी पुलिसकर्मी अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वहन बिना रुके करते रहते हैं।
मिश्रा के अनुसार, 'संस्मरण दिवस का उद्देश्य ऐसे जवानों के योगदान को चिरस्मरणीय बनाना और उनके बलिदान के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करना है।'
जगुआर मुख्यालय में समांतर कार्यक्रम
रांची के टेंडरग्राम स्थित झारखंड जगुआर (एसटीएफ) मुख्यालय में भी श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। यहाँ आईजी अनूप बिरथरे और डीआईजी इंद्रजीत महथा ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया।
बिरथरे ने कहा कि राज्य की शांति और सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया बलिदान सदैव स्मरण किया जाएगा और उनके साहस एवं समर्पण से आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती रहेंगी।
राज्यभर में श्रद्धांजलि परेड
पलामू, दुमका, हजारीबाग, जमशेदपुर, लातेहार, गढ़वा, धनबाद और साहिबगंज सहित राज्य के अनेक जिलों में संस्मरण परेड और श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हुए। विभिन्न स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
यह दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है, जो 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए 10 केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की स्मृति में आरंभ हुआ था। इस वर्ष देशभर में शहीद 154 पुलिसकर्मियों का आँकड़ा उन अनगिनत परिवारों की पीड़ा का प्रतीक है जिन्होंने अपने प्रियजनों को राष्ट्रसेवा में खोया है।