पुलिस स्मृति दिवस: असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, कहा- राज्य हमेशा याद रखेगा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ड्यूटी के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले छह पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गुवाहाटी स्थित 10वीं असम पुलिस बटालियन (APBN) मुख्यालय में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक कृतज्ञ असम राज्य अपने शहीद जवानों को हमेशा याद रखेगा।
श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन
गुवाहाटी के APBN मुख्यालय में स्थित पुलिस स्मारक पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सरमा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन अधिकारियों और जवानों के साहस एवं बलिदान को सम्मान देने के लिए पूरे देश में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जानें दीं। उन्होंने कहा, 'असम पुलिस ने पिछले साल छह बहादुर जवानों और अधिकारियों को खोया। आज हम यहाँ स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि देने और देशभर के पुलिस बलों के बहादुर जवानों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं।'
मुख्यमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे पुलिसकर्मियों के योगदान की भी सराहना की।
एक्स पर CM का संदेश
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'असम की जनता की ओर से मैंने स्वतंत्रता के बाद से माँ असम के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले असम पुलिस के 900 से अधिक जवानों और अधिकारियों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किया। उनका साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण कभी नहीं भुलाया जाएगा। एक कृतज्ञ राज्य उन्हें हमेशा याद रखेगा।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान के कारण ही आज असम में शांति कायम है, उग्रवाद लगभग समाप्ति के स्तर पर है और अपराध में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में शांति बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाते रहेंगे।
पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व
पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस तारीख का संबंध 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स इलाके में भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यह दिन देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करने में पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों की याद दिलाता है।
राष्ट्रव्यापी आयोजन का हिस्सा
गुवाहाटी में आयोजित असम पुलिस का यह श्रद्धांजलि समारोह उस राष्ट्रव्यापी आयोजन का हिस्सा था, जिसमें देशभर की पुलिस इकाइयाँ कर्तव्य के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को स्मरण करती हैं। मुख्यमंत्री सरमा की उपस्थिति इस आयोजन के महत्व को और गहरा कर गई। आने वाले समय में असम सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के कल्याण के लिए और कदम उठाने का इरादा रखती है।