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असम पुलिस दिवस पर सीएम हिमंता का सलाम: '24x7 पहरे के कारण लोग चैन से सोते हैं'

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असम पुलिस दिवस पर सीएम हिमंता का सलाम: '24x7 पहरे के कारण लोग चैन से सोते हैं'

सारांश

असम पुलिस दिवस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा — वर्दी में 24x7 तैनात जवानों के कारण ही लोग चैन से सो पाते हैं। यह संदेश ऐसे समय में आया जब असम भूटान-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में अपनी सुरक्षा क्षमता लगातार मज़बूत कर रहा है।

मुख्य बातें

असम पुलिस दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जवानों को सलाम किया।
सीएम ने एक्स पर लिखा — 'असम के लोग शांति में हैं क्योंकि कोई वर्दी में 24×7 पहरा दे रहा है।' असम पुलिस उग्रवाद, ड्रग तस्करी, सीमा प्रबंधन और साइबर अपराध जैसी जटिल चुनौतियों से एक साथ जूझती है।
बल ने हाल के वर्षों में सामुदायिक पुलिसिंग और तकनीक-आधारित सुरक्षा उपायों पर विशेष ज़ोर दिया है।
असम की भूटान और बांग्लादेश से साझा सीमा इसे पूर्वोत्तर भारत का सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र बनाती है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 अक्टूबर 2026 को असम पुलिस दिवस के अवसर पर राज्य के पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि असम के नागरिक शांति से जीवन जी पाते हैं क्योंकि वर्दीधारी जवान दिन-रात उनकी रक्षा के लिए तैनात रहते हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में हर अधिकारी और जवान को उनके समर्पण और बलिदान के लिए नमन किया।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'असम के लोग शांति में हैं क्योंकि कोई वर्दी में चौबीसों घंटे सातों दिन पहरा दे रहा है।' उन्होंने असम पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को साहस, करुणा और कर्तव्य की अटूट भावना के साथ सेवा करने के लिए सलाम किया और कहा, 'हमें आप पर गर्व है।'

असम पुलिस दिवस का महत्त्व

असम पुलिस दिवस राज्य पुलिस बल के योगदान और बलिदान को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विविध सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में पुलिस की भूमिका को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि असम पुलिस का एक लंबा इतिहास है जिसमें उग्रवाद, सीमा प्रबंधन, संगठित अपराध और ड्रग तस्करी जैसी जटिल चुनौतियों का सामना शामिल है।

बदलती पुलिसिंग की रणनीति

पिछले कुछ वर्षों में असम पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर सामुदायिक जुड़ाव, तकनीक-आधारित पुलिसिंग, साइबर अपराध की रोकथाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया है। बल नियमित अपराध रोकथाम के अतिरिक्त चुनावों, बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रणनीतिक परिप्रेक्ष्य

मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब असम, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं तथा कई पूर्वोत्तर राज्यों से निकटता के कारण अपनी रणनीतिक स्थिति को देखते हुए पुलिसिंग और सुरक्षा ढाँचे को और सुदृढ़ करने में लगा हुआ है। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब पूर्वोत्तर भारत में सीमा-पार गतिविधियाँ और सुरक्षा संवेदनशीलताएँ लगातार चर्चा में बनी रहती हैं।

आगे की राह

असम पुलिस दिवस पर दिए गए इस संदेश के साथ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य सरकार पुलिस बल के मनोबल को ऊँचा रखने और उनकी सेवाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने को प्राथमिकता देती है। आने वाले समय में असम पुलिस के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार पर सरकार की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी है जिसमें असम सरकार पुलिस बल को अपनी शासन उपलब्धि के केंद्र में रखती है। पूर्वोत्तर में शांति बहाली और उग्रवाद में गिरावट को सरकार अपनी सफलता के रूप में प्रस्तुत करती है, लेकिन नागरिक अधिकार संगठन कभी-कभी एनकाउंटर और हिरासत से जुड़े सवाल भी उठाते रहे हैं। पुलिस आधुनिकीकरण की घोषणाएँ और सामुदायिक पुलिसिंग की बात सकारात्मक है, पर इसकी जवाबदेही और पारदर्शिता का ढाँचा उतना ही महत्त्वपूर्ण है जितनी जवानों की सराहना।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम पुलिस दिवस क्यों मनाया जाता है?
असम पुलिस दिवस राज्य पुलिस बल के योगदान, बलिदान और सेवा को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन कानून-व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पुलिस की भूमिका को रेखांकित करता है।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने असम पुलिस दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि असम के लोग इसलिए शांति में हैं क्योंकि वर्दीधारी जवान चौबीसों घंटे, सातों दिन पहरा देते हैं। उन्होंने हर अधिकारी और जवान को साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सलाम किया।
असम पुलिस किन प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों का सामना करती है?
असम पुलिस उग्रवाद, सीमा प्रबंधन (भूटान और बांग्लादेश सीमा), संगठित अपराध, ड्रग तस्करी, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से एक साथ जूझती है। इसके अलावा चुनावों, प्राकृतिक आपदाओं और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भी बल की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।
असम पुलिस ने हाल के वर्षों में क्या बदलाव किए हैं?
हाल के वर्षों में असम पुलिस ने सामुदायिक जुड़ाव, तकनीक-आधारित पुलिसिंग और साइबर अपराध की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया है। पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता भी मज़बूत की गई है।
असम की सुरक्षा दृष्टि से रणनीतिक स्थिति क्यों महत्त्वपूर्ण है?
असम, भूटान और बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है और कई पूर्वोत्तर राज्यों से घिरा है, जिससे यह क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील है। यही कारण है कि राज्य सरकार अपनी पुलिसिंग और सुरक्षा अवसंरचना को लगातार सुदृढ़ करने पर ज़ोर देती है।
राष्ट्र प्रेस
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