पंजाब में 'गैंगस्टरों पर वार' के 265वें दिन 556 जगहों पर छापे, 237 गिरफ्तार; ड्रग अभियान में 196 तस्कर दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को 'गैंगस्टरों पर वार' अभियान के 265वें दिन राज्यभर में 556 स्थानों पर एकसाथ छापेमारी कर 237 लोगों को हिरासत में लिया। इसी दिन 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के 590वें दिन 196 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए। दोनों अभियान पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि और संरचना
'गैंगस्टरों पर वार' अभियान की शुरुआत डीजीपी गौरव यादव ने 20 जनवरी 2026 को की थी, जिसका लक्ष्य पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाना है। सभी जिलों की पुलिस टीमें एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब के साथ समन्वय करते हुए राज्यव्यापी विशेष अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि यह दो समांतर मोर्चों — संगठित अपराध और नशा तस्करी — पर एकसाथ कार्रवाई का प्रयास है, जो पंजाब पुलिस के लिए अभूतपूर्व पैमाने का है।
आज की कार्रवाई का ब्यौरा
265वें दिन की छापेमारी में 237 लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास से एक हथियार भी बरामद हुआ। पुलिस ने 174 लोगों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की और नौ घोषित अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया। अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 77,993 तक पहुँच गई है।
ड्रग-विरोधी अभियान में आज 196 तस्करों की गिरफ्तारी के साथ उनके पास से 923 ग्राम हेरोइन, 700 ग्राम अफीम, 1,001 नशीली गोलियाँ और ₹7,900 की ड्रग मनी जब्त की गई। अभियान की शुरुआत से अब तक 590 दिनों में गिरफ्तार कुल ड्रग तस्करों की संख्या 84,613 हो चुकी है।
पुनर्वास प्रयास और हेल्पलाइन
केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए, पंजाब पुलिस ने आज 24 लोगों को नशा-मुक्ति उपचार और पुनर्वास के लिए प्रेरित किया। यह ऐसे समय में आया है जब अकेले दंडात्मक कार्रवाई की सीमाओं पर विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं और पुनर्वास-आधारित दृष्टिकोण की माँग बढ़ी है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वांटेड अपराधियों और गैंगस्टरों से जुड़ी जानकारी एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गुमनाम रूप से दी जा सकती है।
आम जनता और कानून-व्यवस्था पर असर
पुलिस का दावा है कि लगातार दबाव से राज्य में संगठित अपराध और ड्रग तस्करी में कमी आई है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि गिरफ्तारी के आँकड़ों के साथ-साथ संगठित गिरोहों के नेटवर्क के वास्तविक विखंडन का स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है।
आगे की राह
डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में दोनों अभियान अनिश्चित काल तक जारी रखने की घोषणा की गई है। पुलिस का कहना है कि जब तक पंजाब को पूरी तरह नशा-मुक्त और गैंगस्टर-मुक्त नहीं बना दिया जाता, यह अभियान रुकेगा नहीं। यह देखना होगा कि बढ़ते आँकड़ों के बीच ज़मीनी स्तर पर अपराध-दर में मापनीय बदलाव कब और कैसे परिलक्षित होता है।