पंजाब पुलिस का 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान: 79,784 ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 3,803 किलो हेरोइन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ड्रग्स-विरोधी अभियान 'युद्ध नशे के विरुद्ध' के तहत अब तक 79,784 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है और 60,582 एफआईआर दर्ज की हैं। 14 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने साझा की। इन आँकड़ों ने राज्य की नशा-विरोधी मुहिम को देशभर में सबसे बड़ी और सर्वाधिक प्रभावशाली कार्रवाइयों में से एक बना दिया है।
मुख्य घटनाक्रम और बरामदगी के आँकड़े
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि 1 मार्च 2025 से 10 सितंबर 2026 के बीच रिकॉर्ड मात्रा में नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए। बरामदगी में 3,803 किलोग्राम हेरोइन, 976 किलोग्राम अफीम, 46 टन पोस्ता भूसा, 1,325 किलोग्राम गांजा और 78 लाख नशीले कैप्सूल व गोलियाँ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारत में बरामद कुल हेरोइन का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पंजाब से आता है — यह तथ्य राज्य की भौगोलिक संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।
गिरफ्तार तस्करों में 354 बड़े कमर्शियल-स्तर के मामलों में शामिल 708 बड़े तस्कर भी हैं, जिनमें प्रत्येक मामले में दो किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई थी।
सजा दिलाने की दर — राष्ट्रीय मिसाल
डीजीपी के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की पेशेवर और वैज्ञानिक जाँच पद्धति ने पंजाब में सजा दिलाने की दर को 89 प्रतिशत तक पहुँचा दिया है, जो पूरे भारत में एक अनुकरणीय मिसाल बन चुकी है। 1 मार्च 2025 से एनडीपीएस के 13,430 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें से 11,981 मामलों में दोषसिद्धि हुई।
गौरतलब है कि एएनटीएफ के एडीजीपी नीलाभ किशोर ने हाल ही में हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (एसवीपीएनपीए) में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को ड्रग तस्करी से निपटने और सजा दिलाने की दर बढ़ाने की रणनीतियों पर जानकारी दी — यह राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब मॉडल की स्वीकृति का प्रतीक है।
संपत्ति ज़ब्ती और हवाला नेटवर्क पर शिकंजा
नशा तस्करी से जुड़ी वित्तीय धमनियों को काटने के प्रयास में, एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत 914 मामलों में ₹366 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की गई। इसके अलावा पुलिस ने 102 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया और ₹11 करोड़ का हवाला फंड बरामद किया।
पंजाब ने एक और अहम कदम उठाते हुए देश में सबसे पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS)' लागू किया। इस प्रणाली ने ₹4.60 करोड़ की खोज को सक्षम बनाया और 4 लाख आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग दिया। मुख्यमंत्री की इनाम नीति के तहत 2,362 नागरिकों और पुलिसकर्मियों को सूचना देने और ड्रोन इंटरसेप्ट में सहयोग के लिए ₹3.33 करोड़ का पुरस्कार दिया गया।
आतंकवाद-विरोधी मोर्चे पर काउंटर इंटेलिजेंस की सफलता
16 मार्च 2022 से 11 सितंबर 2026 तक काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने 92 टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और 686 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। बरामद हथियारों में 54 राइफलें, 599 रिवॉल्वर/पिस्तौल, 38 टिफिन आईईडी/आईईडी, 28.887 किलोग्राम आरडीएक्स, 131 हैंड ग्रेनेड, 6 आरपीजी (लॉन्चर सहित) और 3 स्लीव शामिल हैं।
ड्रोन निगरानी के मोर्चे पर 1,493 बार देखे गए ड्रोन में से 952 को इंटरसेप्ट किया गया। सितंबर 2024 से 43 आतंकी हमलों की सूचना मिली थी, जिनमें से 9 दावे झूठे या मनगढ़ंत साबित हुए और शेष सभी मामलों को रिकॉर्ड समय में सुलझा लिया गया। काउंटर इंटेलिजेंस ने 53 टेरर मॉड्यूल को समय रहते बेअसर कर बड़े हमलों को टाला।
आगे की राह
यह अभियान ऐसे समय में और गति पकड़ रहा है जब पंजाब में सीमा-पार तस्करी के नेटवर्क अधिक परिष्कृत होते जा रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार, PAIS जैसी तकनीकी पहलें और एएनटीएफ का मॉडल आगे चलकर नशा तस्करी की रोकथाम की रीढ़ बनेंगे। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी द्वारा इस मॉडल को अपनाए जाने के संकेत यह दर्शाते हैं कि पंजाब की रणनीति अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।