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पंजाब पुलिस के 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के 500 दिन: 629 बड़े तस्कर गिरफ्तार, ₹319 करोड़ की संपत्ति जब्त

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पंजाब पुलिस के 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के 500 दिन: 629 बड़े तस्कर गिरफ्तार, ₹319 करोड़ की संपत्ति जब्त

सारांश

पंजाब पुलिस का 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान 500 दिन पार कर चुका है — 629 बड़े तस्कर, ₹319 करोड़ की संपत्ति जब्त, और 89% दोषसिद्धि दर। यह केवल गिरफ्तारी का अभियान नहीं, बल्कि पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को जोड़ने वाला राज्य का सबसे व्यापक नशा-विरोधी प्रयास है।

मुख्य बातें

'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान ने 19 जुलाई 2026 को 500 दिन पूरे किए; शुरुआत 1 मार्च 2025 को हुई थी।
अभियान में 629 बड़े ड्रग तस्कर गिरफ्तार, जिनमें से प्रत्येक के पास से 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई; कुल 68,850 से अधिक गिरफ्तारियाँ।
NDPS अधिनियम के तहत 52,432 FIR दर्ज; जब्त हेरोइन की अनुमानित कीमत ₹12 करोड़ ।
ड्रग तस्करों की ₹319 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त या कुर्क — ANTF प्रमुख नीलाभ किशोर के अनुसार।
सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर 46,342 गुमनाम सूचनाएँ ; इनके आधार पर 22,960 गिरफ्तारियाँ।
NDPS धारा 64-ए के तहत 10,917 लोगों को अभियोजन से छूट देकर पुनर्वास का अवसर; पंजाब की दोषसिद्धि दर 89% ।

पंजाब पुलिस के महत्वाकांक्षी नशा-विरोधी अभियान 'युद्ध नशियां विरुद्ध' ने 19 जुलाई 2026 को 500 दिन पूरे कर लिए। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने चंडीगढ़ में जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में 629 बड़े ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है — वे तस्कर जिनके पास से प्रत्येक के कब्जे से 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई। अभियान के दौरान संगठित तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष बल दिया गया है।

अभियान के प्रमुख आँकड़े

1 मार्च 2025 को शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत 52,432 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 68,850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त हेरोइन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹12 करोड़ आँकी गई है। डीजीपी यादव के अनुसार, एनडीपीएस मामलों में पंजाब की 89 प्रतिशत दोषसिद्धि दर इसे देशभर में शीर्ष पर रखती है, जिसका श्रेय बेहतर जाँच, मज़बूत साक्ष्य संग्रह और अभियोजन एजेंसियों के साथ समन्वय को जाता है।

संपत्ति जब्ती और अवैध निर्माण ध्वस्त

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रमुख नीलाभ किशोर ने बताया कि अभियान के दौरान ड्रग तस्करों की ₹319 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त या कुर्क की गई हैं। इसके अतिरिक्त, मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से सरकारी ज़मीन पर बनाए गए अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त किया गया है। यह कदम तस्करी के आर्थिक आधार को कमज़ोर करने की रणनीति का हिस्सा है।

हेल्पलाइन और सामुदायिक भागीदारी

अभियान की एक उल्लेखनीय उपलब्धि 'सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन (97791-00200)' रही है। इस हेल्पलाइन पर अब तक 46,342 गुमनाम सूचनाएँ प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर 22,960 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इससे पंजाब पुलिस के प्रति जनविश्वास में वृद्धि हुई है और सामुदायिक पुलिसिंग को बल मिला है। राज्यभर में 24,000 से अधिक ग्राम रक्षा समितियाँ, जिनमें 1.25 लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं, गाँव स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और खुफिया जानकारी जुटाने में सहयोग कर रही हैं।

पुनर्वास पर ज़ोर

केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए, सरकार ने नशे के आदी लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए NDPS अधिनियम की धारा 64-ए के तहत 10,917 लोगों को अभियोजन से छूट देकर इलाज और पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराया है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या दशकों से सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का केंद्र रही है।

जागरूकता और आगे की राह

शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और सामुदायिक नेताओं के सहयोग से जागरूकता अभियान, खेल प्रतियोगिताएँ, युवा संवाद कार्यक्रम और जनसभाएँ आयोजित की जा रही हैं। गौरतलब है कि पंजाब में नशे के खिलाफ यह अब तक का सबसे व्यापक और संरचित अभियान माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या सप्लाई चेन की जड़ें — सीमापार तस्करी नेटवर्क और स्थानीय राजनीतिक संरक्षण — वाकई टूटी हैं या केवल निचले स्तर के वाहक पकड़े गए हैं। ₹319 करोड़ की संपत्ति जब्ती सराहनीय है, किंतु पंजाब में नशे का वार्षिक अनुमानित कारोबार इससे कई गुना अधिक बताया जाता है। 10,917 लोगों को पुनर्वास का अवसर देना नीतिगत परिपक्वता का संकेत है — यदि इन केंद्रों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक सफलता दर पारदर्शी रूप से सार्वजनिक की जाए, तभी यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बन सकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान क्या है और यह कब शुरू हुआ?
यह पंजाब पुलिस का व्यापक नशा-विरोधी अभियान है, जो 1 मार्च 2025 को शुरू हुआ। इसका उद्देश्य ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना, बड़े तस्करों को गिरफ्तार करना और नशे के आदी लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
अभियान के 500 दिनों में कितने तस्कर गिरफ्तार हुए?
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, 500 दिनों में 68,850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 629 बड़े तस्कर शामिल हैं जिनके पास से प्रत्येक के कब्जे से 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई। इस दौरान NDPS अधिनियम के तहत 52,432 FIR भी दर्ज की गई हैं।
सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन कैसे काम करती है?
हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 पर कोई भी नागरिक गुमनाम रूप से ड्रग तस्करी की सूचना दे सकता है। अब तक 46,342 गुमनाम सूचनाएँ प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर 22,960 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
नशे के आदी लोगों के पुनर्वास के लिए क्या किया गया?
NDPS अधिनियम की धारा 64-ए के तहत 10,917 लोगों को अभियोजन से छूट देकर उन्हें इलाज और पुनर्वास का अवसर दिया गया है। यह प्रावधान उन लोगों को दूसरा मौका देता है जो नशे के शिकार हैं और स्वेच्छा से उपचार लेना चाहते हैं।
पंजाब में NDPS मामलों में दोषसिद्धि दर कितनी है?
डीजीपी यादव के अनुसार, पंजाब NDPS मामलों में 89 प्रतिशत दोषसिद्धि दर के साथ देशभर में अग्रणी है। इसका श्रेय बेहतर जाँच प्रक्रिया, मज़बूत साक्ष्य संग्रह और अभियोजन एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय को दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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