पंजाब में अवैध माइनिंग पर सियासत गरम: पूर्व सीएम चन्नी ने भगवंत मान सरकार को बताया माइनिंग माफिया
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 16 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध माइनिंग संचालित करने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और माफिया को सरकारी संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। चन्नी ने माँग की है कि होशियारपुर क्षेत्र में अवैध माइनिंग की जाँच कर रही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) अपना दायरा बढ़ाकर पूरे पंजाब में जाँच करे।
रात्रि अभियान में सामने आई तस्वीर
चन्नी ने बताया कि उन्होंने एक रात पंजाब की नदियों और माइनिंग-प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया। उनके अनुसार इस दौरे में उन्हें व्यापक अवैध उत्खनन की झलक मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन हज़ारों ट्रक रेत और पत्थर लेकर पंजाब से बाहर निकल जाते हैं और इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अवैध लेन-देन होता है।
केजरीवाल और मान पर सीधा आरोप
चन्नी ने कथित तौर पर कहा कि अरविंद केजरीवाल, उनकी पार्टी से जुड़े लोग और मुख्यमंत्री भगवंत मान मिलकर माइनिंग माफिया का संचालन कर रहे हैं। उनके अनुसार राज्य में वैध खदानों की संख्या नगण्य है और अनेक खदानें बंद पड़ी हैं, जबकि अवैध तरीके से उत्खनन जारी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की मिलीभगत के बिना यह नेटवर्क इतने बड़े पैमाने पर नहीं चल सकता।
रेत-बजरी की कीमतों में भारी उछाल
चन्नी ने रेत और बजरी की बढ़ती कीमतों को अवैध माइनिंग का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। उनके अनुसार जो रेत पहले ₹5.50 प्रति फुट मिलती थी, वह अब ₹36 प्रति फुट हो गई है। इसी तरह, पहले ₹5.50 में मिलने वाली बजरी अब ₹32 प्रति फुट बिक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत और पत्थर की कथित चोरी से हर रात सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध कमाई होती है — और यह गतिविधि पूरे पंजाब में फैली हुई है।
सीबीआई जाँच विस्तार की माँग
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर क्षेत्र में अवैध माइनिंग के मामले की जाँच CBI को सौंपी हुई है। चन्नी ने माँग की कि इस जाँच को केवल होशियारपुर तक सीमित न रखा जाए, बल्कि राज्य के हर उस इलाके में इसकी पड़ताल हो जहाँ अवैध उत्खनन जारी है। उन्होंने जाँच एजेंसी से अपील की कि कथित अवैध माइनिंग में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार पहले से शासन-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दबाव में है। माइनिंग का मुद्दा पंजाब की राजनीति में कोई नया नहीं है — पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों पर भी इसी तरह के आरोप लगते रहे हैं, जिससे चन्नी के इस आरोप पर विपक्ष की ओर से तीखी काट-छाँट भी संभव है। AAP सरकार की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। CBI जाँच का दायरा बढ़ने या न बढ़ने का फैसला आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।