16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंजाब में अवैध माइनिंग पर सियासत गरम: पूर्व सीएम चन्नी ने भगवंत मान सरकार को बताया माइनिंग माफिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंजाब में अवैध माइनिंग पर सियासत गरम: पूर्व सीएम चन्नी ने भगवंत मान सरकार को बताया माइनिंग माफिया

सारांश

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने रात्रि दौरे के बाद दावा किया कि पंजाब में केजरीवाल और भगवंत मान की मिलीभगत से माइनिंग माफिया चल रहा है — रेत की कीमत ₹5.50 से ₹36 प्रति फुट पहुँच चुकी है। CBI जाँच पूरे राज्य में फैलाने की माँग से यह मुद्दा नया सियासी रंग पकड़ रहा है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 16 अक्टूबर 2026 को AAP सरकार पर पंजाब में अवैध माइनिंग माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगाए।
चन्नी के अनुसार रेत की कीमत ₹5.50 से बढ़कर ₹36 प्रति फुट और बजरी ₹5.50 से ₹32 प्रति फुट हो गई है।
कथित तौर पर हर रात रेत-पत्थर की अवैध चोरी से सैकड़ों करोड़ रुपए की कमाई का आरोप।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर में अवैध माइनिंग की जाँच CBI को सौंपी है; चन्नी ने दायरा पूरे राज्य तक बढ़ाने की माँग की।
AAP , अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधे आरोप; सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 16 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध माइनिंग संचालित करने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और माफिया को सरकारी संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। चन्नी ने माँग की है कि होशियारपुर क्षेत्र में अवैध माइनिंग की जाँच कर रही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) अपना दायरा बढ़ाकर पूरे पंजाब में जाँच करे।

रात्रि अभियान में सामने आई तस्वीर

चन्नी ने बताया कि उन्होंने एक रात पंजाब की नदियों और माइनिंग-प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया। उनके अनुसार इस दौरे में उन्हें व्यापक अवैध उत्खनन की झलक मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन हज़ारों ट्रक रेत और पत्थर लेकर पंजाब से बाहर निकल जाते हैं और इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अवैध लेन-देन होता है।

केजरीवाल और मान पर सीधा आरोप

चन्नी ने कथित तौर पर कहा कि अरविंद केजरीवाल, उनकी पार्टी से जुड़े लोग और मुख्यमंत्री भगवंत मान मिलकर माइनिंग माफिया का संचालन कर रहे हैं। उनके अनुसार राज्य में वैध खदानों की संख्या नगण्य है और अनेक खदानें बंद पड़ी हैं, जबकि अवैध तरीके से उत्खनन जारी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की मिलीभगत के बिना यह नेटवर्क इतने बड़े पैमाने पर नहीं चल सकता।

रेत-बजरी की कीमतों में भारी उछाल

चन्नी ने रेत और बजरी की बढ़ती कीमतों को अवैध माइनिंग का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। उनके अनुसार जो रेत पहले ₹5.50 प्रति फुट मिलती थी, वह अब ₹36 प्रति फुट हो गई है। इसी तरह, पहले ₹5.50 में मिलने वाली बजरी अब ₹32 प्रति फुट बिक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत और पत्थर की कथित चोरी से हर रात सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध कमाई होती है — और यह गतिविधि पूरे पंजाब में फैली हुई है।

सीबीआई जाँच विस्तार की माँग

गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर क्षेत्र में अवैध माइनिंग के मामले की जाँच CBI को सौंपी हुई है। चन्नी ने माँग की कि इस जाँच को केवल होशियारपुर तक सीमित न रखा जाए, बल्कि राज्य के हर उस इलाके में इसकी पड़ताल हो जहाँ अवैध उत्खनन जारी है। उन्होंने जाँच एजेंसी से अपील की कि कथित अवैध माइनिंग में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार पहले से शासन-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दबाव में है। माइनिंग का मुद्दा पंजाब की राजनीति में कोई नया नहीं है — पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों पर भी इसी तरह के आरोप लगते रहे हैं, जिससे चन्नी के इस आरोप पर विपक्ष की ओर से तीखी काट-छाँट भी संभव है। AAP सरकार की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। CBI जाँच का दायरा बढ़ने या न बढ़ने का फैसला आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ा अंतर्विरोध भी है — कांग्रेस के अपने शासनकाल में, जिसमें चन्नी खुद मुख्यमंत्री थे, पंजाब की अवैध माइनिंग राष्ट्रीय सुर्खियों में रही थी। इसलिए जब वे CBI जाँच विस्तार की माँग करते हैं, तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या यह जवाबदेही की ईमानदार पुकार है या चुनावी पुनर्स्थापन की कोशिश। असली परीक्षा यह है कि क्या हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI राजनीतिक दबाव से परे जाकर तथ्य-आधारित जाँच करती है। रेत की कीमतों में छह गुना से अधिक की वृद्धि आम नागरिक और निर्माण क्षेत्र दोनों के लिए गंभीर संकेत है — यह मुद्दा केवल पार्टियों के बीच का नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक सेहत का है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चन्नी ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने AAP सरकार पर पंजाब में अवैध माइनिंग संचालित करने, भ्रष्टाचार और माइनिंग माफिया को सरकारी संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की मिलीभगत से यह नेटवर्क चल रहा है।
पंजाब में रेत और बजरी की कीमतें इतनी क्यों बढ़ी हैं?
चन्नी के अनुसार अवैध माइनिंग और वैध खदानों की कमी के कारण रेत की कीमत ₹5.50 से बढ़कर ₹36 प्रति फुट और बजरी ₹5.50 से ₹32 प्रति फुट हो गई है। हालाँकि सरकार का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, इसलिए इन दावों को आधिकारिक तौर पर सत्यापित नहीं किया जा सका है।
पंजाब में अवैध माइनिंग की CBI जाँच कब और क्यों शुरू हुई?
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर क्षेत्र में अवैध माइनिंग के मामले की जाँच CBI को सौंपी है। चन्नी ने माँग की है कि यह जाँच केवल होशियारपुर तक सीमित न रहे बल्कि पूरे पंजाब में फैलाई जाए।
AAP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
16 अक्टूबर 2026 तक भगवंत मान सरकार या AAP की ओर से चन्नी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या पंजाब में पहले भी अवैध माइनिंग के आरोप लगते रहे हैं?
हाँ, पंजाब में अवैध माइनिंग का मुद्दा नया नहीं है — पिछली कांग्रेस और अकाली दल सरकारों के दौर में भी यह आरोप लगते रहे हैं। यही कारण है कि चन्नी के इस आरोप को विपक्षी दल उनके अपने कार्यकाल के संदर्भ में भी परख सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले