सुखबीर बादल का AAP सरकार पर निशाना: प्रचार पर ₹500 करोड़ खर्च, माइनिंग घोटाले में ED जांच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 2 अक्टूबर 2026 को होशियारपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपनी छवि चमकाने के लिए जनता के धन का दुरुपयोग कर रही है और अवैध माइनिंग से अर्जित धन कथित तौर पर वरिष्ठ नेताओं तक पहुँच रहा है।
प्रचार पर करोड़ों रुपये का आरोप
बादल ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने अपनी प्रचार सामग्री और होर्डिंग-बोर्डों पर करीब ₹500 करोड़ खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति वास्तव में ईमानदार है, तो उसे अपनी ईमानदारी का प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती। लोग खुद उसके बारे में कहते हैं कि वह ईमानदार है। जनता के करोड़ों रुपये प्रचार पर खर्च किए जा रहे हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्षी दल सरकारी खर्च की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
अकाली दल अध्यक्ष ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार के कई और आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कथित तौर पर बलात्कार के आरोपियों को बचाने के लिए ₹5 करोड़ प्रति मामले की दर से लेन-देन हो रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस एवं प्रशासनिक पदों और सरकारी नौकरियों के लिए भी कथित तौर पर दरें तय की जा चुकी हैं। ये सभी आरोप अभी तक न्यायिक या जाँच एजेंसी से सत्यापित नहीं हुए हैं।
अवैध माइनिंग घोटाले में ED जांच की माँग
अवैध खनन के मुद्दे पर बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब में बड़े पैमाने पर अवैध माइनिंग AAP के इशारे पर हो रही है और इस कथित घोटाले से अर्जित धन अरविंद केजरीवाल तक पहुँच रहा है। उन्होंने घोषणा की कि शिरोमणि अकाली दल इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को शिकायत देकर जाँच की माँग करेगा। बादल ने यह भी दावा किया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और भगवंत मान इस घोटाले में फँसेंगे। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने अब तक इन आरोपों का खंडन नहीं किया है।
पार्टी का घोषणा-पत्र और भविष्य की रणनीति
बादल ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल 1 नवंबर को पंजाब की सेवा को समर्पित अपना घोषणा-पत्र जारी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी पंजाब की धरती पर एक ऐसा स्मारक बनाएगी जो एक संस्थान के रूप में राज्य की सेवा करेगा। यह घोषणा पार्टी के पुनर्गठन और राजनीतिक पुनर्वापसी के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकार और विपक्ष की राजनीतिक तनातनी
बादल का यह हमला ऐसे वक्त में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो रही हैं। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष के ये आरोप एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हैं, जबकि AAP समर्थक इन्हें निराधार बताते हैं। आने वाले हफ्तों में ED शिकायत दाखिल होने के बाद यह विवाद और गहरा सकता है।