29 सितंबर 2026
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एलपीयू बवाल: सुखबीर बादल का बड़ा दावा — वॉकी-टॉकी और हथियारों के साथ पकड़े गए बाहरी लोग, AAP पर साजिश का आरोप

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एलपीयू बवाल: सुखबीर बादल का बड़ा दावा — वॉकी-टॉकी और हथियारों के साथ पकड़े गए बाहरी लोग, AAP पर साजिश का आरोप

सारांश

एलपीयू परिसर में वॉकी-टॉकी और हथियारों के साथ पकड़े गए बाहरी लोगों का मामला अब पंजाब की सियासत का केंद्र बन गया है। सुखबीर बादल ने AAP पर सुनियोजित साजिश और ₹10,000 करोड़ के कथित घोटाले से ध्यान भटकाने का सीधा आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 29 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर एलपीयू बवाल पर AAP को जिम्मेदार ठहराया।
बादल के अनुसार यूनिवर्सिटी में वॉकी-टॉकी और हथियार लेकर घुसे बाहरी लोगों को छात्रों ने पकड़ा — जिसे उन्होंने 'बड़ी साजिश' बताया।
उन्होंने पुलिस से पूछा कि गिरफ्तारी के बाद एफआईआर कहाँ दर्ज की गई।
बादल ने AAP पर ईडी की जाँच में उजागर हुए कथित ₹10,000 करोड़ के घोटाले से ध्यान हटाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर 'गुरुद्रोही' का तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी छोड़ दी।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 29 सितंबर 2026 को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा हमला बोला है। बादल ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी परिसर में वॉकी-टॉकी और हथियार लेकर घुसे बाहरी लोगों को छात्रों ने पकड़ा, जो कथित तौर पर एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।

सुखबीर बादल का एक्स पोस्ट और मुख्य आरोप

बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'यह हैरान करने वाली बात है कि एलपीयू के अंदर वॉकी-टॉकी और हथियार लिए हुए गुंडे पाए गए और बहादुर छात्रों ने ही उन्हें पकड़ा और गिरफ्तारी करवाई। पकड़े गए लोग बाहरी हैं, जिससे यह साबित होता है कि यह एक बड़ी साजिश है।' उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गिरफ्तारी के बाद एफआईआर कहाँ दर्ज की गई है।

बादल के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से जवाब माँग रहा है, जबकि पुलिस की चुप्पी नए सवाल खड़े कर रही है।

मलेरकोटला घटना से जोड़ा पैटर्न

शिअद अध्यक्ष ने एलपीयू की घटना को मलेरकोटला की एक पुरानी घटना से जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि मलेरकोटला में भी इसी तरह का पैटर्न देखा गया था, जहाँ AAP नेता नरेश यादव को पवित्र कुरान शरीफ के अपमान के मामले में जेल हुई थी। बादल के अनुसार यह सिलसिला प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिशों का हिस्सा है।

केजरीवाल और 'ध्यान भटकाने' का आरोप

बादल ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के AAP नेता जानबूझकर पंजाब में ऐसी घटनाओं को हवा दे रहे हैं ताकि ईडी की जाँच में कथित तौर पर उजागर हुए ₹10,000 करोड़ के घोटाले से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP नेता चंडीगढ़ में सरकारी बंगलों पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं और पंजाब को 'प्रॉक्सी' के जरिए चलाने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि ये आरोप AAP ने अभी तक सार्वजनिक रूप से खारिज नहीं किए हैं और राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भगवंत मान पर निशाना

बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरुद्रोही' बताते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी बुनियादी जिम्मेदारी पूरी तरह नजरअंदाज की है। उनके शब्दों में, 'छात्रों की सुरक्षा करने के बजाय वह राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।'

आगे क्या होगा

एलपीयू बवाल मामले में पुलिस की जाँच की दिशा और एफआईआर दर्ज होने या न होने का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। विपक्षी दलों की माँग है कि पकड़े गए बाहरी लोगों की पहचान और उनके कथित नेटवर्क की सार्वजनिक जाँच हो। यह मामला आगामी दिनों में पंजाब विधानसभा सत्र और सड़क की राजनीति दोनों मोर्चों पर गर्माने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस ने एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की, और क्या जाँच एजेंसियाँ स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। ₹10,000 करोड़ के कथित घोटाले का संदर्भ देकर बादल ने एलपीयू प्रकरण को आर्थिक भ्रष्टाचार की बहस से जोड़ दिया है, जो चुनावी नजरिए से सोचा-समझा कदम है — लेकिन परिसर की सुरक्षा और छात्रों की चिंताएँ इस सियासी शोर में दब न जाएँ, यह सुनिश्चित करना मीडिया और नागरिक समाज की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीयू बवाल में क्या हुआ था?
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) परिसर में छात्रों के हंगामे के दौरान वॉकी-टॉकी और हथियारों के साथ कुछ बाहरी लोगों को पकड़ा गया। शिरोमणि अकाली दल के अनुसार इन्हें छात्रों ने ही काबू किया और पुलिस को सौंपा।
सुखबीर बादल ने AAP पर क्या आरोप लगाए?
सुखबीर बादल ने दावा किया कि यह घटना एक सुनियोजित साजिश है और AAP के दिल्ली नेतृत्व ने ईडी की जाँच में कथित तौर पर उजागर ₹10,000 करोड़ के घोटाले से ध्यान हटाने के लिए यह माहौल बनाया। उन्होंने मलेरकोटला की पुरानी घटना का भी संदर्भ दिया।
बादल ने भगवंत मान पर क्या टिप्पणी की?
बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरुद्रोही' बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बजाय राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि मान एक बार फिर पंजाब को निराश करने में सफल रहे हैं।
क्या पुलिस ने पकड़े गए बाहरी लोगों पर एफआईआर दर्ज की?
बादल ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि गिरफ्तारी के बाद एफआईआर कहाँ दर्ज की गई है। अभी तक पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
यह मामला पंजाब की राजनीति को कैसे प्रभावित करेगा?
एलपीयू बवाल और उस पर विपक्षी आरोपों ने AAP सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है। आने वाले दिनों में विधानसभा सत्र और सड़क राजनीति दोनों में यह मुद्दा गर्म रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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