संबित पात्रा का AAP सरकार पर हमला: '48 घंटों में 4 हत्याएं, भगवंत मान के OSD पर CBI जांच का आदेश'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। पात्रा ने मात्र 48 घंटों में हुई 4 हत्याओं और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा मुख्यमंत्री के करीबियों के खिलाफ CBI जांच के आदेश का हवाला देते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
48 घंटों में 4 हत्याएं: पात्रा ने गिनाए मामले
पात्रा ने कहा कि अमृतसर में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या कर दी गई। लुधियाना में एक पूर्व सरपंच को मार दिया गया। मुल्लांपुर में एक युवक को गोली मारकर हत्या की गई, जबकि साहनेवाल में एक 35 वर्षीय युवक की जान ली गई। उन्होंने कहा, 'आज पंजाब में ऐसा लग रहा है कि कोई सुरक्षित नहीं है — न आम जनता, न पूर्व जनप्रतिनिधि।'
हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: OSD के खिलाफ CBI जांच
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की दो जजों की खंडपीठ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और उनके कुछ अन्य करीबी अधिकारियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। न्यायालय ने CBI को मामले की जांच कर दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। यह मामला एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया।
क्या हैं आरोप
आरोपों के अनुसार, OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य अधिकारी कथित तौर पर बिचौलियों की भूमिका निभाते हुए व्यापारिक हितों और राज्य सरकार के बीच मध्यस्थता करते थे तथा रिश्वत के जरिए सरकारी लाभ पहुँचाने का काम करते थे। ये आरोप जनहित याचिका में उठाए गए थे, जिस पर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए CBI जांच का आदेश पारित किया।
BJP की माँग: केजरीवाल और मान दें जवाब
पात्रा ने कहा कि AAP, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले पर सार्वजनिक सफाई देनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि घोटाले की सही राशि क्या है और मुख्यमंत्री के करीबियों पर लगे आरोपों की वास्तविकता क्या है। BJP का आरोप है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार — दोनों मोर्चों पर AAP सरकार पूरी तरह विफल रही है।
क्या होगा आगे
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार CBI को दो महीने के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी। राज्य में बढ़ती हिंसा की घटनाओं को लेकर विपक्ष के दबाव में AAP सरकार की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। यह मामला पंजाब की राजनीति में नया तूफान लाने की क्षमता रखता है।