2 अक्टूबर 2026
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पुतिन ने वल्दाई मंच पर मोदी की तारीफ की, अमित शाह बोले — गांधी जयंती पर हर भारतीय के लिए गर्व

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पुतिन ने वल्दाई मंच पर मोदी की तारीफ की, अमित शाह बोले — गांधी जयंती पर हर भारतीय के लिए गर्व

सारांश

गांधी जयंती के दिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने वल्दाई मंच पर PM मोदी की यूक्रेन शांति पहल की तारीफ की — और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक साख का प्रमाण बताया। यह प्रशंसा उस समय आई जब भारत रूस और पश्चिम दोनों से संबंध बनाए रखते हुए संघर्ष में संतुलित भूमिका निभा रहा है।

मुख्य बातें

व्लादिमीर पुतिन ने वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में PM नरेंद्र मोदी की यूक्रेन शांति कोशिशों की सराहना की।
पुतिन ने कहा कि मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान सुझाते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर इसे गांधी जयंती, 2 अक्टूबर पर हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया।
पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता को भी दुनिया के लिए मिसाल करार दिया।
भारत की गुटनिरपेक्ष कूटनीति ने उसे यूक्रेन संघर्ष में एक स्वीकार्य मध्यस्थ की छवि दी है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें मुख्य सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान सुझाते हैं। 2 अक्टूबर 2026 — गांधी जयंती के अवसर पर आई इस टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

वल्दाई मंच पर पुतिन ने क्या कहा

रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने वल्दाई सत्र में कहा, 'वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों, खास तौर पर ऐसे समाधान जिन पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें।' पुतिन ने यह भी कहा कि भारत सरकार के प्रमुख का रुख निष्पक्ष है, लेकिन उनकी कोशिश इस संघर्ष को खत्म कराने की दिशा में है। रूसी राष्ट्रपति ने आगे जोड़ा, 'हम भारत के प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि वह इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और जितनी जल्दी हो सके, सुलझाना चाहते हैं।'

अमित शाह की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से वैश्विक शांति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करना हर भारतीय को गौरवान्वित करने वाला क्षण है।' उन्होंने लिखा कि महात्मा गांधी की जयंती के दिन आया यह बयान बताता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक शांति की सबसे भरोसेमंद आवाज बन चुका है।

शाह ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, 'युद्ध, तनाव और अस्थिरता के इस दौर में पीएम मोदी ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि समाधान युद्धभूमि पर नहीं, संवाद और कूटनीति से निकलता है।' उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम्' की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी कारण विश्व के किसी भी संकट पर भारत का मंतव्य आज मायने रखता है।

भारतीय संस्कृति की भी सराहना

रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा है जो इसे बेहद खास बनाता है — एक तरफ इतनी विविधता और अलग-अलग पहचान, दूसरी तरफ एकता भी। इस वजह से यह निश्चित रूप से एक मिसाल है और दूसरों के लिए उदाहरण बनने लायक है।'

कूटनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी रूस और यूक्रेन दोनों की यात्राएँ कर चुके हैं और यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान करते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन युद्ध तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और वैश्विक कूटनीतिक प्रयास अभी भी जारी हैं। भारत की गुटनिरपेक्ष भूमिका और संवाद को प्राथमिकता देने की नीति ने उसे एक स्वीकार्य मध्यस्थ की छवि दी है।

आगे की राह

पुतिन की यह टिप्पणी भारत की उस कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करती है जिसमें वह रूस और पश्चिमी देशों — दोनों से संबंध बनाए रखते हुए संघर्ष में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले महीनों में मोदी की अंतरराष्ट्रीय सक्रियता और यूक्रेन मुद्दे पर भारत की स्थिति पर वैश्विक निगाहें बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सावधानी से पढ़ा जाना चाहिए — रूस के राष्ट्रपति का यह बयान एक ऐसे मंच से आया जो मॉस्को के करीबी माना जाता है, इसलिए इसमें रणनीतिक संदेश भी हो सकता है। भारत की 'तटस्थ मध्यस्थ' की छवि तब तक ही टिकती है जब तक वह पश्चिमी खेमे में भी विश्वसनीय रहे — और यूक्रेन के नज़रिए से भारत की भूमिका अभी भी विवादास्पद है। गांधी जयंती का प्रतीकात्मक संयोग BJP के लिए घरेलू राजनीति में भी काम का है, जो अक्सर मोदी की विदेश नीति को गांधीवादी शांतिवाद से जोड़ती है। असली कसौटी यह होगी कि भारत की मध्यस्थता किसी ठोस युद्धविराम या वार्ता-प्रक्रिया में परिणत होती है या नहीं।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुतिन ने PM मोदी की तारीफ किस मंच पर और किस संदर्भ में की?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें मुख्य सत्र में PM मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान सुझाते हैं।
अमित शाह ने पुतिन के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह हर भारतीय को गौरवान्वित करने वाला क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी जयंती के दिन आया यह बयान साबित करता है कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक शांति की सबसे भरोसेमंद आवाज बन चुका है।
यूक्रेन संघर्ष में भारत की भूमिका क्या रही है?
भारत ने यूक्रेन संघर्ष में गुटनिरपेक्ष रुख अपनाते हुए संवाद और कूटनीति के ज़रिए शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है। PM मोदी रूस और यूक्रेन दोनों की यात्राएँ कर चुके हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान की दिशा में प्रयासरत रहे हैं।
पुतिन ने भारतीय संस्कृति के बारे में क्या कहा?
पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता को बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि भारत में एक साथ इतनी विविधता और इतनी एकता का होना इसे दुनिया के लिए एक मिसाल बनाता है।
वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब क्या है?
वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब एक वार्षिक रूसी विदेश नीति मंच है जहाँ रूसी नेतृत्व और वैश्विक विशेषज्ञ भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इस वर्ष इसका 23वाँ सत्र आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रपति पुतिन ने मुख्य सत्र को संबोधित किया।
राष्ट्र प्रेस
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