10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के लिए रूसी तेल की खरीद पर बड़ा ऑफर दिया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के लिए रूसी तेल की खरीद पर बड़ा ऑफर दिया?

सारांश

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के लिए बिना रुकावट तेल शिपमेंट की पेशकश की है। यह घोषणा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के तहत हुई है। जानें, दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध कैसे आगे बढ़ेंगे।

मुख्य बातें

रूसी तेल का निरंतर शिपमेंट भारत के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ रहा है।
ब्रिक्स के तहत सहयोग को मजबूत किया जा रहा है।
भारत को रूसी ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ानी होगी।
2030 तक व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

नई दिल्ली, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के लिए रूसी तेल खरीदने को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि भारत के लिए तेल का शिपमेंट बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, "हम बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की बिना रुकावट शिपमेंट जारी रखने के लिए तैयार हैं।" यह घोषणा तब की गई जब दोनों देशों ने फर्टिलाइजर और फूड सेफ्टी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देते हुए कहा, "भारत और रूस 2030 तक व्यापार बढ़ाने के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमत हुए हैं।"

इससे पहले, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि वह भारत को अपना तेल निर्यात फिर से बढ़ाएगा और वर्तमान में आई गिरावट को अस्थायी माना जा रहा है।

यूक्रेन युद्ध के बाद, भारत रूस के समुद्री तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। लेकिन हाल ही में, अमेरिका ने रूस के प्रमुख तेल उत्पादकों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाया है, जिसके कारण भारत ने कच्चे तेल के आयात में कमी की है।

इसके अलावा, यूरोप ने भी रूसी क्रूड ऑयल से बने पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। 2023-24 में, भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 65.70 बिलियन डॉलर था, जिसमें 4.26 बिलियन डॉलर का भारतीय निर्यात और 61.44 बिलियन डॉलर का आयात शामिल था। दोनों देशों का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "हम एक-दूसरे के देश में फिल्म महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं। आज, एक रूसी टीवी चैनल भारत में प्रसारण शुरू करेगा, जो कि भारत को रूस के बारे में और जानने में मदद करेगा। हमने कुछ वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की है। हम बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर जोर दे रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत और रूस ने बहुत काम किया है। अगले वर्ष, भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। हम हर तरह से भारत का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी हो सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और रूस के बीच तेल शिपमेंट का क्या महत्व है?
भारत के लिए रूस का तेल आयात आवश्यक है, विशेषकर जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें अस्थिर हैं।
क्या अमेरिका के प्रतिबंधों का असर भारत पर पड़ेगा?
हां, अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण भारत को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रूस ने निर्यात को बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
भारत और रूस के व्यापार का भविष्य क्या है?
दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले